बीटी बैंगन पर फैसला 10 दिनों के भीतर : जयराम रमेश

बीटी बैंगन पर निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए किसानों, वैज्ञानिकों और गैरसरकारी संगठनों ने इस मुद्दे पर मंत्रालय द्वारा आयोजित जन सुनवाई में व्यवधान पैदा किया और प्रदर्शन किया।

हाथों में तख्तियां लिए और नारेबाजी करते प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय बंजर भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (सीआरआईडीए) में अयोजित जन सुनवाई में रमेश को बोलने नहीं दिया।

प्रदर्शनकारियों में अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्य शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बीटी बैंगन जैसे जीन परिवर्धित फसलों का मानव शरीर पर बुरा प्रभाव हो सकता है, क्योंकि उनका ठीक से परीक्षण नहीं किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जीएम फसलें अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करेंगी और देश की राष्ट्रीय जैव विविधता तथा आत्मनिर्भरता को समाप्त करेंगी।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम यहां आपका भाषण सुनने नहीं आए हैं। हम चाहते हैं कि आप इस निर्णय को वापस लें।"

प्रदर्शनकारियों ने रमेश द्वारा शांति के लिए और मुद्दे पर बहस शुरू करने के लिए की गई अपील को अनसुना कर दिया। इसके बाद व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद रमेश ने कहा कि जन सुनवाई के बाद 10 दिनों के भीतर बीटी बैंगन पर कोई अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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