विश्व पुस्तक मेले का वार्षिक आयोजन हो : एनबीटी
नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) के सामने अधिक किराया, बिक्री कर और धन की समस्या खड़ी हो रही है। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का 19 वां संस्करण 30 जनवरी से सात फरवरी तक आयोजित होगा और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
एनबीटी के अध्यक्ष बिपन चंद्रा ने कहा, "पिछली बार से विश्व पुस्तक मेला पर बिक्री कर लगाया जाना अनुचित है। विश्व पुस्तक मेले में करों से छूट के लिए वित्त मंत्री से अपील की गई है।"
चंद्रा ने कहा कि मेले के आयोजन को लेकर ट्रस्ट वित्तीय संकट का सामना कर रहा है।
पिछले विश्व पुस्तक मेले के दौरान व्यापार में 70 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
चंद्रा ने कहा कि विश्व पुस्तक मेले का अयोजन दो वर्ष में एक बार होता है। जबकि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला दुनिया में दूसरा या तीसरा सबसे बड़ा पुस्तक मेला है। बीजिंग पुस्तक मेला और फ्रैंकफर्ट पुस्तक मेले का आयोजन प्रत्येक वर्ष होता है।
उन्होंने कहा, " हमने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को लिखा है कि इस मेले का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाना चाहिए। इसके आयोजन के लिए हमें 1,800 से 1,900 करोड़ रुपये अनुदान की आवश्यकता है। अभी हमें बहुत कम अनुदान मिल रहा है।"
उल्लेखनीय है कि 19 वां विश्व पुस्तक मेला प्रगति मैदान में 30 जनवरी से शुरू होगा। लगभग 1,200 भारतीय और विदेशी प्रकाशक इस मेले में अपनी पुस्तकों को प्रदर्शित करेंगे। दिल्ली में 3 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर खेल की पुस्तकों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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