बीटी बैंगन के विरोध में एक दिवसीय उपवास
केंद्रीय पर्यावण मंत्रालय ने बीटी बैंगन की व्यवसायिक खेती के बारे में निर्णय लेने के लिए विभिन्न भारतीय शहरों में सार्वजनिक परामर्श के लिए एक अभियान शुरू किया है। सरकार की जेनेटिक इंजीनियरिंग एप्रुभल कमिटि ने गत अक्टूबर में ही इसकी मंजूरी दे दी थी लेकिन समिति की एक सदस्य पुष्पा भार्गव ने आरोप लगाया है कि निर्णय लिए जाने से पहले आवश्यक परीक्षण नहीं कराए गए थे।
कोलकाता में 25 जनवरी से चल रहे पुस्तक मेले में वैज्ञानिक और शिक्षाविद् यह उपवास रखेंगे।
विकास अनुसंधान एवं संचार सेवा केंद्र (डीआरसीएससी) के सचिव अंशुमान दास ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया, " हमने बीटी बैंगन को लाने के विरोध में 30 जनवरी को एक सांकेतिक उपवास रखने का फैसला किया है। ग्रीनपीस इंटरनेशनल और अर्थकेयर जैसे संगठन इस विरोध में शामिल होने की सहमति दे चुके हैं।"
उन्होंने कहा कि यह विरोध कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जाएगा। वहीं हम पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाके के किसानों को भी इस एक दिवसीय उपवास में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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