विकास में हम सफर बनना चाहती हैं दक्षिण कोरियाई कंपनियां
नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। एलजी, सैम्संग और हुंडई जैसी कंपनियों के देश के मजबूत उपभोक्ता बाजार में पैर जमाने के बाद दक्षिण कोरियाई कंपनियां देश के आधारभूत संरचना क्षेत्र में निवेश की इच्छुक हैं। हालांकि ये कंपनियां लालफीताशाही और प्रक्रियागत देरी को लेकर आशंकित भी हैं।
कोरियाई राष्ट्रपति ली म्यांग-बक के साथ यहां आए 52 सदस्यीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि वे आधारभूत परियोजनाओं के लिए भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी की इच्छुक है।
फेडरेशन ऑफ कोरियन इंडस्ट्री के अध्यक्ष सुक राई चो ने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था उभर रही है। यहां हमारे लिए काफी संभावनाएं है।"
सुक ने आईएएनएस से कहा, "कई दक्षिण कोरियाई कंपनी भारत में बिजली, सड़क, दूरसंचार के क्षेत्रों में निवेश करना चाहती है। भारत को अच्छी आधारभूत संरचनाएं चाहिए और हम निवेश के लिए तैयार हैं।"
यद्यपि, दक्षिण कोरियाई कंपनियों के प्रतिनिधियों का आईएएनएस से बातचीत में कहना था कि निवेश की उनकी इच्छा के रास्ते में नौकरशाही और अन्य दिक्कतें आड़े आ रही हैं।
दरअसल, दक्षिण कोरियाई कंपनियां भारत में सबसे बड़ी निवेशक हैं। यहां 50 से अधिक कंपनियों ने करीब 2.7 अरब डॉलर का निवेश किया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच करीब 16 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार भी होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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