बड़ी राशि वाले रिफंड की होगी गहन छानबीन
ज्ञात हो कि आय कर रिफंड के लिए जिम्मेदार कुछ अधिकारियों के पासवर्ड हैक कर रिफंड खाते से कम से कम 11 करोड़ रुपये चुरा लिए गए हैं। रिफंड की राशि फर्जी खातों में जमा कराई गई है। इस बात का खुलासा पिछले सप्ताह हुआ।
वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है, "हमने भुगतान रोक दिया है और कम से कम दो मामलों को रोकने में कामयाब रहे हैं। जिन खातों में रिफंड जमा हुआ है उन्हें पकड़ने के लिए तथा लाभार्थियों को पकड़ने के लिए मुंबई स्थित आय कर निदेशालय ने जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।"
मंत्रालय ने कहा है, "मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान जारी किए गए सभी बड़ी राशि वाले रिफंड की दोबारा छानबीन की जाएगी। बड़ी राशि वाले रिफंड के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली प्रणाली को बदल कर उसकी जगह ज्यादा पुख्ता और दोष रहित प्रणाली अपनाई जाएगी।"
एक अधिकारी ने कहा कि इस घटना के कारण आय कर रिफंड में देरी हो सकती है।
वर्ष 2009-10 में होने वाले रिफंड की राशि पिछले वर्ष की राशि (6,899 करोड़ रुपये) से दोगुनी है। यानी इस वर्ष आय कर विभाग को 12,421 करोड़ रुपये रिफंड करने हैं।
इस बीच वित्त मंत्रालय ने दावा किया है कि जांचकर्ताओं ने बैंक खातों, लाभार्थियों और इस घोटाले में शामिल कुछ लोगों की पहचान कर ली है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और मुंबई पुलिस, लाभार्थियों की तलाश में जुटी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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