'सामाजिक-आर्थिक बदलाव से हासिल होगा सहस्राब्दी लक्ष्य'
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) की ओर से यहां रविवार को आयोजित 16वें साझेदारी शिखर सम्मेलन में मुसेवनी ने कहा, "यदि वास्तविक प्रगति के लिए उचित उपायों को और रणनीतियों को नहीं अपनाया गया तो एमडीजी मात्र उक्तियां बन कर रह जाएगी।"
मुसेवनी के वक्तव्य को युगांडा के आंतरिक मामलों के मंत्री और तीसरे उप प्रधानमंत्री किरुं डा किवेजिंजा ने पढ़ कर सुनाया।
मुसेवनी के अनुसार युगांडा जैसे देशों में एमडीजी हासिल करने का मुख्य अर्थ यह सुनिश्चित कराना है कि वहां हर व्यक्ति की उत्पादन प्रक्रिया में हिस्सेदारी हो और राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक संसाधनों तक उसकी पहुंच हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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