राजपथ पर छटा बिखरेंगे बीएसएफ के ऊंटसवार
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान विश्व के एकमात्र ऊंट दल पर सवारी करते हुए राजपथ पर देश की विरासत और परंपराओं की झलक प्रस्तुत करते हुए नजर आएंगे। बीएसएफ के जवान 35 वीं बार राजपथ पर विभिन्न तरह की धुनें बजाकर दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
उप कमांडर अमोल सिंह राठौर के नेतृत्व में 100 बीएसएफ कर्मियों का यह दल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर राष्ट्रपति को सलामी देगा। बीएसएफ का ऊं ट दल दो भागों में विभाजित होगा। पहले भाग में 54 जवान शामिल होंगे जिनके हाथों में आधुनिक इंसास राइफलें होंगी।
राजपथ पर 36 बीएसएफ कर्मियों का दूसरा दल पहले दल के पीछे वाद्ययंत्रों से धुनें बजाते हुए चलेंगे। इस दौरान कम से कम 30 धुनें बजाई जाएंगी।
राठौर ने कहा, " विश्व में केवल हमारे पास ही ऊंट सवार बैंड है। हमने पहली बार वर्ष 1976 में गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया था। उस समय हमारे जवान ऊंटों का प्रयोग परेड में करते थे। लेकिन 14 वर्षो बाद हमने इस दल में संगीत बैंड को भी शामिल किया था।"
उन्होंने आगे बताया, " जब हम राजपथ पर परेड करते हैं तो अपनी विरासत और परंपराओं को अपने साथ लेकर चलते हैं। यह आधुनिकता और सांस्कृतिक धरोहरों का मिश्रण है। हम जो पोशाक पहनते हैं वह राजसी होता है और तब से हमने अपने ऊंट दल में कोई परिवर्तन नहीं किया है।"
गौरतलब है कि राठौर के लिए राजपथ पर परेड का यह तीसरा अवसर है जब वह अपने जवानों को परेड के दौरान कमांड देंगे।
गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर बीएसएफ के जवान 14 किस्म के वस्त्र पहनते हैं जिसमें सफेद ओवरकोट और भगवा पगड़ी शामिल होती है। राजपथ पर उतरने से पहले ऊंटों को मालाओं और घुंघरुओं सहित 19 प्रकार के सामानों से सजाया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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