श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में अहम रहेगी तमिलों की भूमिका
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक श्रीलंका की दो करोड़ आबादी में 70 फीसदी सिंहली हैं जबकि तमिलों की आबादी महज 18 फीसदी है। सिंहली वोटों के बंटने के चलते अल्पसंख्यक होते हुए भी तमिल महत्वपूर्ण भूमिका में है।
वर्तमान राष्ट्रपति राजपक्षे की सिंहलियों पर पकड़ है। वह अपने चुनाव प्रचार के दौरान कह रहे हैं कि अगले हफ्ते होने वाला चुनाव उनके छह वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति को दो वर्ष आगे तक ले जाएगा। बहरहाल, राजपक्षे और फोंसेका दोनों ही देश से लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) का सफाया करने का श्रेय ले रहे हैं। राजपक्षे ने हालांकि इसका नेतृत्व किया था।
तमिल राष्ट्रीय गठबंधन (टीएनए) ने इस बीच फोंसेका का समर्थन किया है। वह पहली बार राजनीतिक भविष्य आजमा रहे हैं।
जाफना के तमिल व्यवसायी सिवसोथी कानागराजा ने कहा, "लिट्टे के खिलाफ जनरल फोंसेका ने सैन्य अभियान चलाया था लेकिन राजपक्षे ने इस युद्ध का फैसला किया था।"
सिंहली बहुल क्षेत्रों में लिट्टे के खिलाफ युद्ध को सकारात्मक रूप में देखा गया। सिंहलियों के एक वर्ग का मानना है कि लिट्टे के खात्मे में जनरल फोंसेका की भूमिका महत्वपूर्ण थी जबकि दूसरा वर्ग मानता है कि इसमें राजपक्षे की भूमिका अहम थी।
गॉल के 47 वर्षीय एक किसान ने कहा, "राजपक्षे की खातिर ही देश आतंकवादियों के चंगुल से मुक्त हुआ, नहीं तो वे अलग देश बनाने पर ही आमादा था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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