अस्थिरता के लिए मैं ज़िम्मेदार नहीं: जनरल कटवाल

अस्थिरता के लिए मैं ज़िम्मेदार नहीं: जनरल कटवाल

नेपाल के सेवा निवृत्त सेना प्रमुख रुकमनगुड कटवाल ने कहा है कि देश में वर्तमान अस्थिरता के लिए वे ज़िम्मेदार नहीं हैं.

अपने कार्यकाल के दौरान जब उन्होंने पूर्व माओवादी विद्रोहियों को सेना में भर्ती करने से मना किया था, उसके बाद देश में अस्थिरता का दौर शुरु हुआ.

जेनरल रुकमनगुड कटवाल ने बीबीसी को बताया कि उनका मानना है कि सेना और माओवादियों के बीच के मतभेद के बावजूद शांति प्रक्रिया अब भी अपने सही रास्ते पर है.

पूर्व माओवादियों को सेना में भर्ती न करने के मुद्दे पर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड ने जेनरल कटवाल को पद से हटाने की नाकाम कोशिश की थी.

प्रचंड ने बाद में स्वयं इस्तीफ़ा दे दिया जिससे माओवादियों के नेतृत्ववाली गठबंधन सरकार गिर गई थी.

जेनरल कटवाल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि जो कुछ भी हुआ उसके लिए मैं ज़िम्मेदार हूँ. एक सैनिक होने के नाते और रिटायर होने के बाद, मैं किसी राजनीतिक विवाद में नहीं पड़ना चाहता."

नेपाल में 2006 के शांति समझौते में पूर्व माओवादियों को सेना में शामिल करना एक मुख्य मुद्दा था.

लेकिन जेनरल कटवाल ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि सेना में पूर्व माओवादी बड़ी संख्या में शामिल नहीं किए जाएँ. इससे वो विवाद पैदा हुआ जिसकी वजह से पिछले साल नेपाल में मई में माओवादियों के नेतृत्ववाली सरकार गिर गई.

लेकिन जेनरल कटवाल अपनी इस बात पर अडिग रहे कि सेना में बड़ी संख्या में पूर्व माओवादियों को भर्ती नहीं किया जाएगा.

जेनरल कटवाल का कहना है, "मुझे नहीं लगता कि इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों को सेना में भर्ती किए जाने से कोई फ़ायदा होगा. इससे देश की राष्ट्रीय सेना अपना राष्ट्रीय, निष्पक्ष और ग़ैर-राजनीतिक स्वरुप खो देगी."

शांति में विश्वास

पिछले साल रिटायर हो जाने के बावजूद जेनरल कटवाल नेपाल की राजनीति में अहम खिलाड़ी हैं. पूर्व सेना प्रमुख होने के नाते अब भी नेपाल की सेना के साथ उनके रिश्ते बने हुए हैं.

जेनरल कटवाल ने कहा कि किसी भी कीमत पर नेपाल में शांति प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए.

उनका कहना था, "अगर सभी मिलकर साथ चलें, सभी ईमानदार हों और वो अहिंसा, मानवाधिकार और देश की लोकतांत्रिक प्रणाली के प्रति समर्पित होकर काम करें, तो मुझे नहीं लगता कि शांति प्रक्रिया अपने रास्ते से हटकर चलेगी."

नेपाल में अब तक, पिछले दस सालों से सरकार और माओवादी विद्रोहियों के बीच चले आ रहे गृह युद्ध में 13 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

जेनरल कटवाल ने कहा कि ज़रूरी है कि हिंसा के रास्ते पर फिर वापस ना जाया जाए.

माओवादियों ने नेपाल में अपने लगभग एक दशक के सशश्त्र संघर्ष पर करीब तीन साल पहले विराम लगा दिया था, जब उन्होंने ये तय किया था कि वो देश की शांति प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे.

माओवादी विद्रोहियों ने 2008 के आम चुनाव में 'जीत' हासिल की थी.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+