वरिष्ठ समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र नहीं रहे, अंतिम संस्कार शनिवार को (राउंडअप)
समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने आईएएनएस को बताया, " मिश्र लंबे समय से बीमार थे। गुरुवार देर रात हालत खराब होने के बाद उन्हें इलाहाबाद के बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आज सुबह चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मिश्र मधुमेह व कई अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।"
जनेश्वर मिश्र के प्रतिनिधि शिव प्रसाद मिश्र ने इलाहाबाद में संवाददाताओं को बताया, " हालत बिगड़ने पर इलाहाबाद से पहले उनको लखनऊ के संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में हालत गंभीर होने पर उन्हें वापस इलाहाबाद ले जाकर बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार सुबह लगभग 11.30 बजे उनका निधन हो गया।"
शिव प्रसाद के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार शनिवार को दोपहर दो बजे इलाहाबाद के दारागंज घाट पर किए जाने की योजना है।
फिलहाल मिश्र के पार्थिव शरीर को उनके न्यू कटरा स्थित आवास पर रखा गया है, जहां उनके अंतिम दर्शनों के लिए विभिन्न दलों के नेता पहुंच रहे हैं।
सपा प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, नेता विपक्ष शिवपाल सिंह यादव व अन्य नेताओं ने इलाहाबाद पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह शनिवार सुबह इलाहाबाद पहुंचेंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि मिश्र ने निधन की खबर के बाद सैफई महोत्सव को रद्द कर दिया गया है। पहले इसका समापन 24 जनवरी को होना था।
सपा के सभी पदों से इस्तीफा दे चुके अमर सिंह भी सांसद जयाप्रदा के साथ इलाहाबाद पहुंचे और मिश्र को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जनेश्वर मिश्र का जन्म बलिया में हुआ था। अपनी उच्च शिक्षा उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रहण की। वह छात्र जीवन से सक्रिय राजनीति में आ गए थे।
छोटे लोहिया के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा के सदस्य थे। इलाहाबाद से तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए मिश्र छह पूर्व प्रधानमंत्रियों मोरारजी देसाई, चौधरी चरणसिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, एच.डी. देवेगौड़ा और आई. के. गुजराल की सरकार में मंत्री भी रहे थे। मिश्र उन समाजवादी नेताओं में से थे, जिन्होंने भारतीय समाजवादी आंदोलन के प्रवर्तक डॉ. राममनोहर लोहिया के साथ काम किया था और उनके नेतृत्व में कई आंदोलनों में शरीक हुए थे।
गत सोमवार को महंगाई और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सपा द्वारा मायावती सरकार के खिलाफ किए गए प्रदेशव्यापी जन आंदोलन में बीमारी की हालत में भी मिश्र इलाहाबाद में आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे।
जनेश्वर मिश्र के निधन से सपा में शोक की लहर दौड़ गई है। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मिश्र के निधन को पार्टी के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
इटावा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा, "यह समाजवादियों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। हम सभी बहुत दुखी हैं। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया है।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनेश्वर मिश्र के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
गहलोत ने अपने शोक संदेश में कहा है कि स्व. मिश्र दलित, शोषित एवं वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले जुझारू नेता थे। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा।
वरिष्ठ सपा नेता मोहन सिंह ने कहा, "मिश्र ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने सिखाया कि राजनीति के माध्यम से समाजसेवा कैसे होती है। उन्होंने राजनीति से निजी फायदा नहीं उठाया और अपने आगे-पीछे संपत्ति नहीं बटोरी। उनके निधन से समाजवादी आंदोलन को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती।"
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "मिश्र जैसे समाजवादी नेता के निधन से हुई क्षति की कभी भरपाई नहीं हो सकेगी। वह युवाओं से कहते थे कि खाली मत बैठो, संघर्ष करो। वह हमेशा युवाओं को प्रेरित करते थे।"
मिश्र के साथ सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे मोहम्मद आजम खान ने कहा कि मिश्र का निधन समाजवादी विचारधारा के लिए एक बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। उनसे हर समाज के हर तबके के लोग जुड़े थे। खान ने कहा, "मिश्र ने सामंतवाद से कभी समझ्झौता नहीं किया। उनके निधन के बाद देश में आज उनके कद का कोई समाजवादी नेता नहीं रहा।"
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित राममनोहर लोहिया समाज विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष मोहनसिंह शाह ने मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कई नौजवानों को समाजवादी आंदोलन और विचारधारा से जोड़ने का काम किया था।
सपा महासचिव अशोक वाजपेयी ने कहा कि मिश्र में किसी भी सत्ता से टकराने का अदम्य साहस था। उन्होंने कहा कि 76 साल की उम्र में भी मिश्र में एक 22 साल के युवा जैसा जोश था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications