नलिनी की रिहाई का विरोध में कांग्रेस, जनता पार्टी

आजीवन करावास की सजा काट रहे 11 कैदियों की रिहाई की अपील पर राज्य सरकार ने वेल्लोर के जिलाधिकारी सी. राजेंद्रन की अध्यक्षता में जेल सलाहकार बोर्ड का गठन किया था। बोर्ड ने कहा है कि ये कैदी 14 वर्ष से अधिक का समय जेल में बिता चुके हैं। राजेंद्रन ने कहा कि कैदियों की रिहाई के संबंध में फैसला राज्य सरकार करेगी और बोर्ड जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
रिहाई का हर संभव विरोध करेंगे
नलिनी की रिहाई की सिफारिश का विरोध कर रहे कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ईवीएस इलानगोवन ने कहा कि राज्य सरकार को यह ध्यान में रखना चाहिए कि नलिनी उस प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से संबंधित थी, जो पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या से जुड़ा था। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि वह नलिनी की रिहाई का हरसंभव विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड को भंग करने के लिए वह जल्द ही याचिका दायर करेंगे।
राजीव गांधी की हत्या श्रीपेरुबंदूर में मई 1991 में हुई थी। नलिनी को 14 जून 1991 को गिरफ्तार किया गया था। उसे मौत की सजा सुनाई गई थी लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दखल के बाद मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया। गत वर्ष सितंबर में नलिनी ने मद्रास उच्च न्यायालय में अपनी रिहाई के संबंध में याचिका दायर की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications