आईपीएल पर पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने ठुकराया (राउंडअप)
भारत ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान पहले उन कारणों पर विचार करे, जिनके कारण दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हुए हैं। पाकिस्तानी सरकार को सरकारी आयोजनों और निजी कार्यक्रमों के अंतर को भी समझना चाहिए।
इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार की ओर से की गई तल्ख टिप्पणियों का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने गुरुवार को नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि आईपीएल की नीलामी से सरकार का कोई वास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा, "ऐसे में पाकिस्तान को यह अंतर समझना चाहिए कि भारत सरकार किन चीजों से जुड़ी हुई है और किन चीजों से उसका कोई लेना देना नहीं है।"
कृष्णा ने कहा, "हम स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान से यह जानना चाहते हैं कि आखिर हम इस नीलामी में कैसे शामिल थे। साथ ही हम यह भी जानना चाहते हैं कि हमारे कारण नीलामी प्रक्रिया किस तरह और कैसे प्रभावित हुई।"
पाकिस्तान के संसदीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा भारत की प्रस्तावित यात्रा रद्द किए जाने और पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक के एक बयान के संदर्भ में विदेश मंत्री ने यह टिप्पणी की।
इस बीच विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "आईपीएल, खिलाड़ियों के चयन और इसकी गतिविधियों से सरकार का कोई नाता नहीं है। इसके लिए सरकार को दोषी ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
आईपीएल की नीलामी में शामिल पाकिस्तान के किसी भी खिलाड़ी को खरीददार न मिलने पर पाकिस्तान में विपक्षी दलों के सांसदों ने भी नाराजगी जताई थी। पाकिस्तान में यह मामला काफी तूल पकड़ चुका है।
पाक नेशनल एसेंबली की स्पीकर फहमीदा मिर्जा ने बुधवार को कहा कि आईपीएल में उनके देश के खिलाड़ियों को न खेलने देने की 'सुनियोजित साजिश' रची गई थी। विपक्षी दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता निसार अली खान ने मांग की है कि पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों के दिखाए जाने पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी इस बयान में कहा गया कि आईपीएल-3 में खेलने के लिए 17 पाकिस्तानी क्रिकेटरों को वीजा देने के बावजूद उस पर नीलामी को प्रभावित करने के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।
बयान में कहा गया, "आईपीएल के आगामी संस्करण में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल नहीं किए जाने को लेकर भारत सरकार पर दोष मढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान को उन कारणों को लेकर आत्ममंथन करना चाहिए जिनके कारण भारत के साथ उसके रिश्ते खराब हुए हैं। दोनों देशों के खराब रिश्तों के कारण क्षेत्र में शांति, स्थायित्व और समृद्धि पर बुरा असर पड़ा है।"
मंत्रालय ने उन रिपोर्टों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया है कि आईपीएल के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीजा नहीं दिया गया था। मंत्रालय ने कहा, "यह बात बेबुनियाद है।"
मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने संक्षिप्त नोटिस पर दिसंबर 2009 और इस वर्ष जनवरी में पाकिस्तान के 17 खिलाड़ियों के नाम वीजा जारी किया था, जिससे कि वे आईपीएल के तीसरे संस्करण में खेल सकें।
मंत्रालय ने कहा, "दो वीजा इस्लामाबाद से जारी किए गए जबकि तीन वीजा न्यूजीलैंड के वेलिंग्टन में स्थित भारतीय उच्चायोग से जारी किए गए। इसके अलावा 12 वीजा सिडनी से जारी किए गए हैं। न्यूजीलैंड दौरे के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी इन दिनों आस्ट्रेलिया दौरे पर हैं और इसी दौरान उनसे जुड़ी कागजी कार्रवाई की गई।"
बयान में कहा गया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से खिलाड़ियों के नाम वीजा जारी करने को लेकर अनुरोध प्राप्त होने के बाद विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अन्य मंत्रालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने की दिशा में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मदद की है।
इससे पहले, पाकिस्तान के आतंरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने इस्लामाबाद में आज ही कहा था कि आईपीएल की नीलामी में पाकिस्तानी क्रिकेटरों की बोली न लगना यह दर्शाता है कि भारत उसके साथ मित्रता का इच्छुक नहीं है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार मलिक ने कहा कि अगर पाकिस्तान के क्रिकेटरों और हॉकी खिलाड़ियों जैसे दूतों को सम्मान नहीं मिलता है तो भारत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में गंभीर नहीं माना जाएगा।
मलिक ने चेतावनी दी कि जो पाकिस्तान केनायकों को इज्जत नहीं देंगे, उन्हें भी पाकिस्तान से इज्जत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा, "अगर वे इसी तरह का व्यवहार करते हैं तो हम भी इसका उसी तरह जवाब देंगे।"
गौरतलब है कि मंगलवार को हुई आईपीएल की नीलामी में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को कोई खरीददार नहीं मिला था। इसे लेकर पाकिस्तान में आक्रोश है। कुछ खिलाड़ियों ने तो आईपीएल और भारत पर उन्हें बेइज्जत करने का आरोप तक लगाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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