लखनऊ में कर्मचारी और शिक्षकों पर लाठीचार्ज
अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त संघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और कर्मचारी गुरुवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सुरक्षा कारणों से शासन द्वारा इस स्थल पर धरना प्रदशर्न पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है।
लखनऊ रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक चंद्र प्रकाश ने यहां संवाददाताओं को बताया कि हमने जब प्रदर्शनकारियों से इस प्रतिबंधित स्थल पर धरना प्रदर्शन करने से मना किया तो वे पुलिस से भिड़ गए और विधानसभा के सामने मुख्य मार्ग जाम कर सार्वजनिक वाहनों को अपना निशाना बनाने लगे, जिसके बाद मजबूरन उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस ने दावा किया कि लाठीचार्ज में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। उधर शिक्षक और कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने दावा किया कि लाठीचार्ज में तीस से ज्यादा लोगों को चोटें आईं। संघ के सदस्यों ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदशर्न कर रहे थे, तभी वहां पुलिस आई और बिना हमारी बात सुने हम पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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