उप्र के अधिकतर विधायक संपत्ति घोषित करने में विफल
इनमें मुख्यमंत्री मायावती और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव भी शामिल हैं। कानून के अनुसार दोनों सदनों के सभी सदस्यों के लिए निर्धारित प्रपत्र के द्वारा संपत्तियों और कर्ज की घोषणा करना अनिवार्य है। इसे सदनों के सचिव को सौंपा जाता है।
विधानसभा के अधिकारी ने कहा कि सभी नवनिर्वाचित विधायकों को तीन महीने के भीतर अपनी संपत्तियों की औपचारिक घोषणा करनी होती है।
बहरहाल मई 2007 में गठित विधानसभा के 403 विधायकों में से केवल चार विधायकों ने वर्ष 2007 में अपनी संपत्ति घोषित की। वर्ष 2008 में केवल तीन और वर्ष 2010 में केवल 10 विधायकों ने अपनी संपत्ति घोषित की। कानून हर वर्ष 27 जून तक ताजा संपत्ति की घोषणा करने की अनुमति देता है।
संपत्ति नहीं घोषित करने वालों में राज्य विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर, भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता लालजी टंडन और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications