काबुल में चरमपंथियों का तांडव
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में संदिग्ध तालेबान चरमंपथियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच लड़ाई जारी है.
धमाकों और गोलीबारी के बीच एक इमारत में आग लगी हुई है. लड़ाई में कम से कम चार चरमपंथियों और कई अन्य लोगों के मारे जाने का समाचार है. लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.
काबुल में शिक्षा मंत्रालय के बाहर एक कार बम धमाके के साथ ये हमला शुरू हुआ. इसके बाद चरमपंथियों ने कई ठिकानों को अपना निशाना बनाया है.
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चार बंदूकधारी एक सिनेमाघर में घुसे हुए हैं, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने घेर रखा है.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि राजधानी काबुल में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में है.
दूसरी ओर तालेबान ने दावा किया है कि इस हमले में उसके 20 लड़ाके शामिल हैं. तालेबान ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा है कि हमले में सरकारी इमारतों और होटल को निशाना बनाया गया है.
अमरीका ने इस हमले की आलोचना की है. अमरीकी दूतावास का कहना है कि तालेबान के हमले में अफ़ग़ानिस्तान की सरकार और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया है.
सोमवार की सुबह हमला उस समय शुरू हुआ, जब सड़कों पर काफ़ी चहल-पहल होती है. हमला सेरेना होटल और राष्ट्रपति निवास के पास शुरू हुआ.
हमले के समय राष्ट्रपति हामिद करज़ई की कैबिनेट के नए सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही थी.
कोशिश मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता एलेन लिटिल का कहना है कि अफ़ग़ान सेना ने इलाक़े को घेर रखा है. बीच-बीच में धमाके भी हुए हैं.
मौक़े पर मौजूद बीबीसी संवाददाता एलेन लिटिल का कहना है कि अफ़ग़ान सेना ने इलाक़े को घेर रखा है. बीच-बीच में धमाके भी हुए हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद नैटो सेना ने कहा है कि वह अफ़ग़ानिस्तान की सेना के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही है.
हमले के दौरान एक सरकारी कार्यालय में फँसे एक अधिकारी ने बाद में समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "हर ओर अफ़रा-तफ़री का माहौल है. हमें ये नहीं पता कि कहाँ जाना है और क्या करना है."
पिछले कुछ समय से तालेबान चरमंपथियों ने राजधानी काबुल पर कई हमले किए हैं.
अक्तूबर में संयुक्त राष्ट्र के एक गेस्ट हाउस पर हुए हमले में संयुक्त राष्ट्र के पाँच कर्मचारी मारे गए थे. उस समय होटेल सेरेना पर भी हमला हुआ था.
काबुल से बीबीसी संवाददाता मार्क डमेट का कहना है कि ताज़ा हमले से लोगों में चिंता और बढ़ेगी क्योंकि इस अतिसुरक्षित इलाक़े में चरमपंथियों ने फिर हमला किया है.












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