महिलाएं आत्मरक्षा के लिए पढ़ती हैं अपराध कथाएं
एक आमधारणा यह है कि आक्रामक होने के कारण पुरुष हत्या और बलात्कार से जुड़ी घटनाओं पर आधारित कहानियां ज्यादा पसंद करते हैं लेकिन नए अध्ययन में यह बात गलत साबित हुई है।
शोध में कहा गया है कि महिलाएं अपराध से डरती हैं क्योंकि उन्हें खुद पर हमला होने का डर बना रहता है। महिलाएं आत्मरक्षा के लिए आपराधिक कहानियों से बचाव के गुर व तकनीक सीखने का प्रयास करती हैं।
महिलाएं इन कहानियों के माध्यम से यह जानने का प्रयास करती हैं कि अगवा किए जाने की सूरत में वह किन उपायों को आजमाते हुए अपराधी के चंगुल से बच सकती हैं।
बतौर उदाहरण, यह समझने के लिए कि क्यों कोई किसी की हत्या करने का फैसला करता है। एक महिला अजनबी और ईष्र्यालु प्रेमी से बचाव के उपाय सीख सकती है। यदि वास्तव में एक महिला का अपहरण हो जाता है तो वह खुद के बचाव में उस वक्त उक्त तरकीब का इस्तेमाल कर सके।
हालांकि इस तरह की किताब पढ़ने से महिलाओं में वास्तव में डर के स्तर में वृद्धि की आशंका रहती है। यह एक कुचक्र है।
इलिनोइस अरबाना विश्वविद्याालय के एक बयान में अध्ययनकर्ता मनोवैज्ञानिक अमांदा एम.विकेरी और आर.चेरिस फ्रले ने कहा,"मैं जानता हूं कि अपराध से महिलाएं पुरूषों की तुलना में ज्यादा डरती हैं बावजूद इसके वह अपराध में कम फंसती हैं।"
यह अध्ययन सामाजिक मनोवैज्ञानिक और व्यक्तित्व विज्ञान की पत्रिका में छपा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications