गूगल-चीन विवाद से अमरीका परेशान

एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने कहा है कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर चीन से हो रहे साइबर हमलों से अमरीका 'परेशान' है. इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल ने कहा है कि वो चीन में अपना कामकाज समेट सकती है क्योंकि चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ईमेल कथित तौर पर हैक किये जा रहे हैं.
उधर गूगल ने कहा है कि इमेल हैकिंग के कई मामलों के प्रकाश में आने के बाद कंपनी अपनी ईमेल सेवा की सुरक्षा बढ़ाएगी. इससे पहले भी चीन और गूगल में विवाद हो चुका है.
परेशान
गूगल और चीन के बीच चल रहे इस विवाद के बीच अमरीकी वाणिज्य मंत्री गैरी लॉक ने कहा है कि चीन को गूगल समेत कई और कंपनियों के लिए एक 'सुरक्षित' व्यापार का वातावरण सुनिश्चित करना होगा.
उन्होंने कहा,"गूगल ने हाल में हुए साइबर हमलों की जड़ें चीन में बताई गई हैं और इससे अमरीकी सरकार और चीन में व्यापार कर रही अमरीकी कम्पनियाँ परेशान हैं."
उधर गूगल ने कहा है अपनी ईमेल सेवा की सुरक्षा बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा है कि अब सिर्फ लॉगिन पासवर्ड से ही सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी और ऐसे कोड भी होंगे जो किसी भी ईमेल को हैक किये जाने की स्थिति में अपाठ्य बना देंगे.
गूगल कंपनी ने चीन सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं लेकिन कहा है कि अब वह सरकार के अनुसार सेंसर करने को तैयार नहीं है. इसका अर्थ ये है कि अब चीन से गूगल सर्च इंजन पर होने वाली किसी भी खोज में कोई रोक नहीं रहेगी. गूगल ने 2006 में बनी अपनी चीनी वेबसाईट के बंद करने के भी संकेत दिए हैं.
पिछले वर्ष गूगल और चीन की सरकार के बीच संबंध खराब हो गए थे जब चीन ने कंपनी पर अश्लील साहित्य को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था.












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