रिचर्ड हॉलब्रुक पाकिस्तान में

अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक मंगलवार को अपनी तीन दिनों की पाकिस्तान यात्रा पर पहुँचे हैं. संभावना है कि इस दौरान हॉलब्रुक पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से अफ़गानिस्तान में जारी सैन्य-कार्रवाई समेत कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे.
इससे पहले रिचर्ड हॉलब्रुक आबूधाबी में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के मसलों पर विशेष दूतों के एक सम्मलेन में हिस्सा ले रहे थे.
तालेबान पर चर्चा
क़रीब 40 देशों का प्रतिनिधिमंडल आबूधाबी में एकत्रित हुआ था जिसमें इस बात पर चर्चा हुई कि चरमपंथी हिंसा और तालेबानी गतिविधियों के बीच अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के समक्ष क्या चुनौतियाँ हैं. अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान पर होने वाली इस अहम बैठक के पहले पकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अफगानिस्तान में चल रही सैनिक कार्रवाई पर अपने विचार प्रकट किए.
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़ शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, "अफ़गानिस्तान में चल रही लड़ाई को अफ़गानिस्तान के भीतर ही लड़ा जाना चाहिए. अफ़गानिस्तान के भीतर की चुनौतियों को पाकिस्तान में नहीं सुलझाया जा सकता." सम्मेलन के दौरान समाचार एजेंसी एएफपी से हुई बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान मामलों में अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा कि अगर अफ़गान राष्ट्रपति हामिद करज़ई पूर्व तालेबान लड़ाकों को मुख्यधारा में शामिल करने की घोषणा करते हैं तो सम्मलेन में भाग लेने वाले देश इसका समर्थन करेंगे.
बढ़ी हुई तालिबानी गतिविधियों के बीच अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना रिचर्ड हॉलब्रुक की पाकिस्तान यात्रा की मुख्य वजह बताई जा रही है.












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