पानी जला सकता है जंगल को!
हंगरी के इओत्वोस विश्वविद्यालय के शोधकर्ता गैबोर होरवाथ ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "पत्तों पर पानी की बूंदें गिरने से बेहद सघन प्रकाश पैदा होता है जो जंगल में आग लगने का कारण बन सकता है। ऐसी कई घटनाएं हुई होंगी, पर इस नजरिए से किसी ने पहले शोध नहीं किया होगा।"
उन्होंने कहा कि तेज धूप में सूखे पत्तों पर जब अचानक पानी की बूंदें गिरती हैं तो सघन प्रकाश तरंगें पैदा होती हैं जो बेहद सूक्ष्म होती हैं। उनके नेतृत्व वाली टीम ने इस परिघटना का सूक्ष्म कंप्यूटर आकलन किया। इसके अलावा इस प्रयोग को प्रयोगशाला में अंजाम देकर कंप्यूटर के जरिए इसका बारीक अध्ययन किया गया।
पानी की बूंदें गिरने से बूंद और पत्ते के बीच का संपर्क कोण पत्ते के धारदार किनारे के प्रकाश-समीकरण में अचानक बदलाव ला देता है, जिससे प्रकाश तरंगें पैदा होती हैं। अगर पत्ते पर बेहद बारीक रोम हैं तो वे क्षण भर के लिए जल की बूंदों को रोककर उन्हें लेंस में तब्दील कर देते हैं और इस लेंस से जो तेज सूक्ष्म प्रकाश पैदा होता है, वह रोमिल परत को जला सकता है। इस नतीजे को न्यू फाइटोलॉजिस्ट पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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