उत्तर भारत में सर्दी का कहर जारी (राउंडअप)

दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रविवार सुबह लोगों को कोहरे से राहत मिली और आसमान साफ रहा, लेकिन इसके बावजूद रविवार को भी रेल यातायात प्रभावित रहा और 41 रेलगाड़ियां देर से चल रही हैं। आसमान साफ रहने की वजह से उड़ानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, "रविवार को कोहरा नहीं के बराबर है लेकिन पिछले कुछ दिनों से रेलगाड़ियों के आवागमन में हो रही देरी का असर रविवार को भी देखा जा रहा है। सात रेलगाड़ियों के समय में फेरबदल किया गया है और 41 रेलगाड़ियां देर से चल रही है।"

उधर, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने कहा कि आसमान साफ रहने की वजह से उड़ानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि रनवे पर दृश्यता सीमा 2,000 मीटर रिकार्ड की गई।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार रविवार सुबह न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पंजाब, हरियाणा और चण्डीगढ़ में रविवार को कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़क, हवाई और रेल यातायात भी प्रभावित हुअा।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब, हरियाणा के अधिकतर हिस्सों सहित चण्डीगढ़ में घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे के चलते इस क्षेत्र में दृश्यता 100 मीटर तक पहुंच गई। उन्होंने मौसम के मौजूदा रुख के आने वाले दिनों में जारी रहने की आशंका जाहिर की है।

चण्डीगढ़ पुलिस ने गाड़ी चालकों के लिए यातायात सलाह जारी की है। सलाह में कोहरे में गाड़ी धीमी गति से चलाने और ओवरटेकिंग से बचने के लिए कहा गया है। साथ ही वाहन चलाते वक्त बत्ती जला कर रखने को भी कहा गया है।

अमृतसर में रविवार को न्यूनतम तापमान औसत से तीन डिग्री कम 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो क्षेत्र में सबसे कम है। केंद्र शासित क्षेत्र चण्डीगढ़ में कंपकपा देने वाली सर्दी रही और न्यूनतम तापमान औसत से चार डिग्री कम सात डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।

हरियाणा के अम्बाला, करनाल और हिसार में रविवार को न्यूनतम तापमान क्रमश: 5.5 डिग्री, छह डिग्री और 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चण्डीगढ़ रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के मुताबिक अधिकतर गाड़ियां देरी से चल रही हैं जिसके वजह से सैकड़ों मुसाफिर स्टेशन पर फंसे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर रविवार सुबह हुई बूंदाबांदी से प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप और बढ़ गया है। कड़ाके की सर्दी और ठिठुरन के चलते जरूरी न होने पर लोगों ने घरों में रहना ही पसंद किया।

प्रदेशवासियों को लगातार दूसरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। शनिवार की तरह रविवार सुबह कोहरा तो नहीं छाया लेकिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे कड़ाके की सर्दी ज्यादा असरदार साबित हो रही है।

मौसम विभाग के निदेशक जे.पी. गुप्ता ने रविवार को लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि पहले ही पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण वहां से आने वाली सर्द हवाएं प्रदेशभर में ठिठुरन बढ़ा रही है। पिछले दो दिन से बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवा हवाएं अपने साथ नमी लेकर आई है।

गुप्ता ने कहा कि आने वाले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कड़ाके की सर्दी से राहत मिलती नहीं दिख रही है।

पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य में मिर्जापुर सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां 4.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं राजधानी लखनऊ भी भीषण ठंड की चपेट में है। यहां न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की सर्दी के मद्देनजर राज्य सरकार की ओर से राज्य के सभी 71 जिलों की 312 तहसीलों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर भारत में जारी ठंड ने मध्य प्रदेश के उत्तर पूर्वी हिस्से को अपनी गिरफ्त में ले लिया है और आने वाले दिनों में इस स्थिति में ज्यादा बदलाव के आसार नहीं हैं। प्रदेश में सबसे ठंडा श्योपुर जिला रहा, जहां पारा तीन डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश के उत्तर पूर्वी हिस्से के ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखण्ड और विंध्य में रविवार को लगातार तीसरे दिन भी बहुत कम समय के लिए धूप नजर आई। सुबह इन हिस्सों में धुंध और कोहरे के अलावा पूरे दिन शीत लहर चलती रही। प्रदेश में सबसे ठंडा श्योपुर रहा जहां तीन डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर पश्चिमी हवाओं का असर रविवार को भी बरकरार रहा। आने वाले 24 घंटों में भी इससे निजात मिलने की कम ही उम्मीद है। रविवार को भोपाल में न्यूनतम तापमान साढे नौ डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 10, ग्वालियर का पांच और जबलपुर का साढ़े नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों में तापमान में कुछ वृद्धि होने से रविवार को सर्दी कम हुई जबकि राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान अभी तक शून्य से नीचे बना हुआ है।

शिमला के मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने आईएएनएस को बताया कि शिमला का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शनिवार को यह 4.2 डिग्री सेल्सियस था।

लाहौल स्पीति जिले के केलांग और किनौर जिले के काल्पा में न्यूनतम तापमान क्रमश: शून्य से 11.9 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 5.9 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा जो शनिवार को क्रमश: शून्य से 11.7 डिग्री सेल्सियस नीचे और 5.6 डिग्री सेल्सियस सेल्सियस नीचे था।

इसके अलावा मंडी के सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस और कुल्लू के भुंतर में 0.0 डिग्री सेल्सियस तथा कांगड़ा के धर्मशाला में 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जम्मू एवं कश्मीर में कड़ाके की सर्दी जारी है। राज्य के लद्याख क्षेत्र और उसके जिला मुख्यालय लेह में तापमान शून्य से 21.4 डिग्री सेल्सियत नीचे चला गया है। स्थानीय मौसम विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे, लेह में 21.4 डिग्री सेल्सियस नीचे और कारगील में 17 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला गया है।"

उन्होंने बताया कि दक्षिणी कश्मीर के पहलगाम में तापमान शून्य से छह डिग्री नीचे था। मौसम विभाग के अनुमानों के मुताबिक अगले चार से पांच दिनों तक कड़ाके की सर्दी जारी रहेगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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