98वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी चेन्नई करेगा
डा. सक्सेना ने अपने सम्बोधन में आईएससीए के इतिहास पर संक्षेप में प्रकाश डाला, जिसके तत्वावधान में भारतीय विज्ञान कांग्रेस आयोजित की जाती हैं। पहली विज्ञान कांग्रेस जनवरी 1914 में कोलकाता में हुई थी, जिसमें 105 वैज्ञानिकों ने भाग लिया था और 35 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए थे। अब 97वीं विज्ञान कांग्रेस में 5000 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया तथा करीब 200 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। संघ के 17 हजार स्थायी सदस्य हैं तथा इस विज्ञान कांग्रेस में 1000 प्रतिनिधियों ने स्थायी सदस्य के तौर पर पंजीकरण करवाया। उन्होंने इस विज्ञान कांग्रेस के आयोजन के लिए इसरो, केरल सरकार और केरल विश्वविद्यालय को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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