ह्वाइट हाउस के तीसरे घुसपैठिए को भारतीय पक्ष ने नहीं बुलाया था
वांशिगटन, 7 जनवरी (आईएएनएस)। ह्वाइट हाउस में भारतीय प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह के सम्मान में आयोजित भोज में तीसरे घुसपैठिए के तौर पर चिन्हित व्यक्ति का कहना है कि वह भारतीय पक्ष के बुलावे पर पार्टी में नहीं गया था, पर उसे यह भी याद नहीं है कि वह किसके बुलावे पर उस पार्टी में गया था। उसने अपने वकील के माध्यम से अपना पक्ष रखा है।
ह्वाइट हाउस के भोज में बिन बुलाए शिरकत करने के आरोप का सामना कर रहे कार्लोस एलेन के वकील ए. स्कॉट बोल्डेन ने एनबीसी न्यूज से बातचीत करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने 24 नवंबर को हुए रिसेप्शन, भोज और स्वागत कार्यक्रम में शिरकत की थी, पर उसे याद नहीं है कि वह किसके निमंत्रण पर इसमें शामिल हुआ था। बोल्डन ने कहा, "मेरे मुवक्किल को याद नहीं है कि किसने बुलाया था। उसे मेल के जरिए निमंत्रण भेजा गया था।" अमेरिकी गुप्तचर सेवा का कहना है कि एलेन को इस भोज में आने का निमंत्रण नहीं दिया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एलेन उस होटल में पहुंचकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो गए जहां मनमोहन सिंह ठहरे हुए थे। विलर्ड होटल में ही वह भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो गया और वहां से वह ह्वाइट हाउस पहुंच गया। बोल्डन ने इस दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह महज संयोग है कि होटल में एलेन की मुलाकात भारतीय प्रतिनिधिमंडल से हो गई, पर उसे भारतीय पक्ष की ओर से इस भोज में शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल के किसी भी सदस्य ने उसे आमंत्रित नहीं किया था। वकील ने कहा, "एलेन को मेल से निमंत्रण मिला था और इस पर वह गौरवान्वित थे। उनकी मंशा पवित्र थी। भोज में शामिल होने के पीछे कोई नापाक इरादा नहीं छिपा था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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