पाकिस्तानी सेना का भगोड़ा है तहव्वुर राणा
राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली को बीते साल डेनमार्क के उस अखबार के दफ्तर को निशाना बनाने के आरोप में पकड़ा गया था जिसने पैगम्बर के विवादास्पद कार्टून छापे थे। हेडली भी पाकिस्तानी मूल का नागरिक है।
राणा ने बुधवार को जिला न्यायधीश मैथ्यू केनली के समक्ष एक जमानत याचिका दायर की। उसने इस याचिका में कहा है कि वह पाक सेना का भगोड़ा है और उससे कोई खतरा नहीं है क्योंकि वह पाकिस्तान या कहीं भी नहीं जा सकता। इसी बात को आधार बनाकर उसने जमानत राशि पर रिहा किए जाने की गुहार लगाई है।
अदालत ने राणा को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रखा है क्योंकि उसको एक अलग मामले में अभियुक्त बनाया गया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि फैसला आगामी 14 जनवरी को सुनाया जा सकता है।
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) का कहना है कि कनाडाई नागरिक राणा को सलाखों के पीछे ही रहने देना चाहिए क्योंकि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले की साजिश के बारे में वह जानता था। मुंबई हमले में लगभग 174 लोग मारे गए थे।
एफबीआई ने अपने हलफनामे में कहा है कि 48 वर्षीय राणा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी हेडली का साथी है और वह मुंबई हमले के बारे में पहले ही जानता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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