राजस्थान में पंचायत चुनावों का बिगुल बजा
राज्य निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इसके लिए तमाम तैयारियां कर ली गई हैं। प्रदेश में अब तक लोकसभा, विधानसभा व नगर निकाय के चुनाव ईवीएम से कराए जा चुके हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि चुनाव आयोग ने प्रायोगिक तौर पर कोटा, भरतपुर और सीकर जिले में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराने का निर्णय किया है। इसके लिए संबंधित जिले के कलेक्टर व अन्य आला अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस बार यदि कोशिश कामयाब रही तो भविष्य में होने वाले पंचायती संस्थाओं के चुनावों में इसका इस्तेमाल बड़े पैमान पर किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ए.के. पांडे ने बताया कि नामांकन नौ जनवरी तक भरे जाएंगे और 12 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 20, 29 जनवरी और दो फरवरी को तीन चरणों में होगा। मतगणना आठ फरवरी को होगी।
पंच व सरपंच के लिए मतदान 22, 31 जनवरी व चार फरवरी को होगा।
पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान फोटो पहचान पत्र मुख्य दस्तावेज होगा, लेकिन यदि कोई मतदाता इसके अलावा राशन कार्ड, पासपोर्ट सहित निर्धारित 17 अन्य दस्तावेजों से अपनी पहचान स्थापित करता है तो उसे मत देने का अधिकार होगा।
कांग्रेस और भाजपा ने इस विशाल चुनावी प्रक्रिया के लिए अपनी कमर कस ली है। दोनों दलों ने पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के साथ प्रधान, उप प्रधान, जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के पदों का चुनाव पार्टी के बैनर पर लड़ने की तैयारी की है। इसे देखते हुए दोनों दलों ने काफी विचार विमर्श के बाद जिला स्तर पर अपने पर्यवेक्षकों को उचित प्रत्याशियों को टिकट देने का अधिकार दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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