कुम्भ मेला: स्वाइन फ्लू नियंत्रण के लिए 150 चिकित्सकों की तैनाती
देहरादून, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड ने 14 जनवरी से आरंभ हो रहे कुम्भ मेले में स्वाइन फ्लू फैलने की किसी घटना से निपटने के लिए 31 अस्थाई अस्पताल स्थापित करने के साथ कम से कम 150 चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया है।
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मुख्य नोडल अधिकारी पंकज जैन ने आईएएनएस को बताया कि केंद्र सरकार पहले ही सभी प्रबंधों का निरीक्षण कर चुकी है। उसने मेले के दौरान वितरित करने के लिए एक ट्रक मास्क भी मुहैया कराए हैं।
हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के संपूर्ण कुम्भ मेला क्षेत्र को अलग जिले के रूप में चिह्न्ति किया गया है और इसे 31 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में चार चिकित्सकों के साथ 10 बिस्तरों का अस्थाई अस्पताल स्थापित किया गया है। भारत सरकार ने टैमीफ्लू की करीब 300,000 टैबलेट भी उपलब्ध करवाई हैं।
कुम्भ मेला 28 अप्रैल तक चलेगा और इसमें देश तथा विदेशों से लाखों लोगों के आने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि कम तापमान और भारी भीड़ से स्वाइन फ्लू फैल सकता है। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू से अब तब 13 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में स्वाइन फ्लू से अब तक कुल 130 लोग प्रभावित हो चुके हैं।
राज्य के महामारी विभाग के प्रमुख जैन ने बताया कि मेले के दौरान स्वाइन फ्लू की जांच और इलाज के लिए 120 से अधिक चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा 12 चिकित्सकों को आपात स्थिति से निपटने के लिए गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) और वेंटिलेटरों के संचालन के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन 12 चिकित्सकों को नई दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनडीएमसी) का एक दल चार त्वरित प्रतिक्रिया दलों के गठन में सहायता दे रहा है।
चार त्वरित प्रतिक्रिया दलों में 19 सदस्य हैं। प्रत्येक दल में अन्य चिकित्सकों के साथ एक महामारी विशेषज्ञ भी होगा।
मई 2009 में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद से पूरे भारत में अब तक 26,500 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। अब तक स्वाइन फ्लू से देश में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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