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अलग तेलंगाना पर नहीं बन पाई सहमति

P Chidambaram
नई दिल्ली, 5 जनवरी। पृथक तेलंगाना राज्य के गठन पर केंद्र सरकार ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें गहन चर्चा के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम की अध्यक्षता में हुई बैठक में चार घंटे की मशक्कत के बाद भी तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग करने पर सहमति नहीं बन पाई।

राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस से लेकर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) जैसी सभी राजनीतिक पार्टियों ने राज्य की जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए एक संयुक्त बयान तो जारी कर दिया है, लेकिन टीआरएस आंध्र प्रदेश से पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की अपनी मांग पर पूरी तरह अड़ी हुई है।

तेलंगाना समर्थक आंदोलन का नेतृत्व कर रहे टीआरएस प्रमुख के.चंद्रशेखर राव ने कहा है कि बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "हम केंद्र सरकार से अंतिम जवाब आने का इंतजार कर रहे हैं।" इस बीच बैठक में हिस्सा लेने आए आंध्र प्रदेश के सभी आठ राजनीतिक दलों के नेताओं ने आंध्र प्रदेश जनता से राज्य में शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।

राज्‍य में शांति की अपील

बैठक की समाप्ति के बाद जारी हुए एक संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा है, "गृह मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में आंध्र प्रदेश के आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के हम प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। हमने बैठक के दौरान अपने विचार जाहिर किए हैं और केंद्र सरकार ने उन विचारों पर गौर किया है। इस बीच हमारी यह ईमानदार अपील है कि राज्य में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था की स्थिति बरकरार रखी जाए।"

गृह मंत्री चिदंबरम ने राज्य में विरोध प्रदर्शन पर लगाम लगाने की भी वकालत की। चिदंबरम ने इस बात से इंकार किया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया को मंजूरी देने में जल्दबाजी की थी।

गृह मंत्री ने अपनी आरंभिक टिप्पणी में कहा, "हमें आंध्र प्रदेश में सामान्य स्थिति बहाल करने के मूल महत्व को स्वीकार करना चाहिए। वहां जारी प्रदर्शनों और बंद को रोका जाना चाहिए। छात्रों को स्कूल और कॉलेज जाना चाहिए। कानून और व्यवस्था बहाल होनी चाहिए। लोगों को आम दिनचर्या के अनुसार काम करने की आजादी होनी चाहिए।"

गृहमंत्री द्वारा बुलाई इस बैठक में कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी, प्रजा राज्यम, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के आरंभ में चिदंबरम ने नए राज्य के मुद्दे पर उन भ्रमों को दूर करने का प्रयास किया जिनके कारण पूरे राज्य में प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह गलतफहमी है कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में काम किया, राजनीतिक दलों से सलाह नहीं ली गई और गृह मंत्री के रूप में मैंने व्यक्तिगत स्तर पर काम किया।"

चिदंबरम बोले राजनीतिक मेलमिलाप जरूरी

चिदंबरम ने कहा कि इन बातों के समर्थन में कोई भी तथ्य पेश नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री ने राजनीतिक दलों से मेल-मिलाप और सदिच्छा दिखाने का आग्रह किया। चिदंबरम ने कहा, "अंतत: आपको जवाब खोजने चाहिए और एक समाधान ढूंढने में केंद्र सरकार की मदद करनी चाहिए। इस बैठक की कार्यसूची सीमित है, लेकिन मुझे विश्वास है कि यदि हम इस समय एक कदम आगे बढ़ेंगे तो अंत में समाधान ढूंढ निकालेंगे।"

इस बीच आंध्र प्रदेश में पृथक तेलंगाना के समर्थन और विरोध में विभिन्न संगठनों प्रदर्शन भी किया है। प्रदर्शन की वजह से मंगलवार को कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में रेलगाड़ियां रोकीं जिससे राज्य में रेल परिचालन प्रभावित हुआ। रेलवे के अधिकारियों ने एहतियात बरतते हुए 89 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया। राज्य परिवहन निगम की सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

प्रदर्शनकारियों ने रेलगाडि़यां रोकीं

आंध्र और रायलसीमा इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने 'रेल रोको' अभियान चला रखा है। कड़प्पा, गुंटूर और कृष्णा जिले में बड़ी संख्या में तेलंगाना विरोधी प्रदर्शनकारियों ने रेलगाड़ियों को रोक दिया। तेलंगाना मसले पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक का विरोध कर रही संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने 'रेल रोको' अभियान का आह्वान किया था। गुंटूर जिले में तिरुवंनतपुर-नई दिल्ली केरल एक्सप्रेस और माछेरला एक्सप्रेस को प्र्दशनकारियों ने रोक दिया।

विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर भी प्रदर्शनकारियों ने रेलगाड़ियां रोकी। नालगोंडा जिले में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नौ पर वाहनों की अवाजाही रोक दी थी। जेएसी ने सर्वदलीय बैठक के खिलाफ सोमवार को भी आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में बंद का आह्वान किया था।

तेलंगाना विरोध और समर्थन की लपटें मंगलवार को दिल्ली तक पहुंच गईं। दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन का यह सिलसिला लगभग आधे घंटे तक जारी रहा। उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों में प्रमुख रूप से तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के लोकसभा सदस्य वेणुगोपाल रेड्डी शामिल थे। रेड्डी राज्य विभाजन के घोर विरोधी हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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