हमले जरूर बढ़े हैं लेकिन सभी घटनाएं नस्लीय नहीं हैं: आस्ट्रेलियाई राजदूत (लीड-1)
मेलबर्न में रविवार को भारतीय छात्र नितिन गर्ग की हत्या के बाद यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में वर्गीज ने कहा, "मैं नहीं समझता कि यह कोई इस तरह का मामला है, जिसमें यह कहा जाए कि सिर्फ भारतीयों को लक्ष्य कर हमले किए जा रहे हैं। मैं इस बात से इंकार नहीं करता कि हमलों के पीछे नस्लवादी तत्व हो सकते हैं लेकिन इनमें से कई मामले अवसरवादी शहरी अपराध के हैं।"
वर्गीज ने कहा भारतीय छात्रों पर हो रहे इन हमलों के कारण आने वाले दिनों में पढ़ाई के लिए वहां जाने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट आ सकती है।
वर्गीज ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि दुनिया के विभिन्न देशों से वहां पढ़ने गए भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आस्ट्रेलियाई सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, "मुझे भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट की उम्मीद है। सुरक्षा के भय से छात्र आस्ट्रेलिया जाने से घबराएंगे।"
उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षो में वहां लगातार भारतीय छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। वर्ष 2009 में आस्ट्रेलिया में 115,000 भारतीय छात्र थे।
वर्गीज ने हालांकि यह भी कहा कि किसी भी राष्ट्र के लिए अपराध का पूरी तरह सफाया कर पाना संभव नहीं है।
वर्गीज ने कहा, "आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को बहुत शक्तियां प्रदान की गई हैं। छात्रों की सुरक्षा के लिए हमें आस्ट्रेलिया में अपराध का सफाया करना पड़ेगा।"
भारतीयों पर हमलों में वृद्धि के मद्देनजर भारत सरकार ने मंगलवार को आस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय छात्रों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी कर दिए हैं।
दूसरी ओर इस सुरक्षा निर्देश को भारत का निजी मामला करार देते हुए आस्ट्रेलिया की उप प्रधानमंत्री जूलिया गिलर्ड ने जोर देकर कहा है कि उनका देश सभी अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के हर बड़े शहर में हिंसा की घटनाएं होती हैं। जूलिया ने कहा, "दुनिया के बड़े शहरों में समय-समय पर हिंसा की घटनाएं होती रहती हैं। कभी मेलबर्न में ऐसी घटना होती है, तो कभी मुंबई में तो कभी न्यूयार्क में। ऐसी घटना को ज्यादा तूल दिए जाने की कोई जरूरत है।"
एबीसी न्यूज ने जूलिया को यह कहते हुए उद्धृत किया है कि हिंसा में किसी की जान जाना वाकई दुखद घटना है और हम इसकी भर्त्सना करते हैं। जो कोई भी हिंसा का शिकार रहा है, उससे हमारी हमदर्दी है। प्रशासन दोषियों से सख्ती से निपटेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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