रुचिका को स्कूल से निकाले जाने के मामले की जांच रिपोर्ट गुरुवार को
चंडीगढ़ के गृह एवं शिक्षा सचिव राम निवास ने कहा है कि इस मामले की जांच उप प्रखण्डीय दंडाधिकारी (एसडीएम) प्रेरणा पुरी कर रही हैं। यह रिपोर्ट केंद्र शासित चंडीगढ़ प्रशासन को भी भेजी जाएगी।
राम निवास ने संवाददाताओं को बताया, "जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट गुरुवार शाम तक सौंप देंगी और उसके बाद उसे चंडीगढ़ प्रशासन को भी भेज दिया जाएगा। जांच अपने अंतिम चरण में है। लेकिन फिलहाल मैं इस स्थिति में नहीं हूं कि जांच के निष्कर्षो के बारे में कुछ बता सकूं।"
उन्होंने कहा, "जांच रिपोर्ट आ जाने के बाद हम स्वयं उसे सार्वजनिक करेंगे और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
ज्ञात हो कि रुचिका सैक्रेड हार्ट सीनियर सेंकड्री स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। उसके साथ 12 अगस्त 1990 को हुई छेड़छाड़ की घटना के एक महीने बाद बगैर कोई कारण बताए उसे स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था।
स्कूल के एक प्रवक्ता के अनुसार रुचिका की फीस छह महीने (अप्रैल से सितंबर 1990 तक) से जमा नहीं थी। इस कारण अक्टूबर महीने में उसका नाम स्कूल के रजिस्टर में दर्ज नहीं हो पाया था और उसके बाद उसने खुद ही स्कूल आना बंद कर दिया था।
लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रशासन संभवत: रुचिका के निष्कासन मामले में स्कूल प्रशासन की संदिग्ध भूमिका के लिए उसे घेरे में ले सकता है।
दूसरी ओर रुचिका के पिता ने संवाददाताओं को बताया है, "मैं खुद अपनी बेटी की फीस जमा करने के लिए गया था लेकिन स्कूल प्रशासन ने फीस लेने से इंकार कर दिया था। वे सब राठौड़ के दबाव में आकर काम कर रहे थे। उन्होंने मेरी बेटी का जीवन बर्बाद कर दिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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