तलवार दंपत्ति नार्को परीक्षण को तैयार, अदालत का फैसला सुरक्षित (लीड-3)
तलवार दंपत्ति तो नार्को परीक्षण को तैयार हो गए, लेकिन अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
उल्लेखनीय है कि 14 वर्षीय आरुषि का 16 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार स्थित उसके घर से शव बरामद किया गया था।
आरुषि तलवार हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने सीबीआई की ही एक अदालत से आरुषि के माता-पिता नुपुर तलवार और राजेश तलवार के नार्को परीक्षण की इजाजत मांगी थी।
तलवार दंपत्ति के वकील ने हालांकि अदालत में सीबीआई की इस मांग का विरोध किया लेकिन तलवार दंपत्ति ने बाद में कहा कि वह इसके लिए तैयार है।
राजेश तलवार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हम किसी भी टेस्ट को तैयार हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है। यदि इससे जांच में कोई सहायता मिलती हैं हमें क्या दिक्कत हो सकती है।"
इससे पहले, सीबीआई के वकील सुरेश बत्रा ने न्यायाधीश प्रीति सिंह के समक्ष अर्जी दाखिल कर सीबीआई को तलवार दंपत्ति का नार्को परीक्षण कराने की इजाजत देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, "सीबीआई के नवगठित दल को कुछ ऐसे ताजा सुराग मिले हैं जिनकी वजह से राजेश और नुपुर का नार्को परीक्षण कराना आवश्यक है।"
उधर, राजेश और नुपुर के वकील सतीश टम्टा ने सीबीआई के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा, "इस मामले की अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है और माता-पिता बेकसूर पाए गए हैं।"
टम्टा ने कहा, "आरुषि के माता-पिता बीमार हैं। सीबीआई मीडिया के दबाव में आकर तलवार दंपत्ति को फंसाने की कोशिश कर रही है।" अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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