उत्तर प्रदेश में शीतलहर से अब तक 50 मरे
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो हाड़कंपाऊ ठंड और शीतलहर का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो मौतों का आंकड़ा पिछले साल से ऊपर भी पहुंच सकता है। निकट भविष्य में सर्दी और ठिठुरन से प्रदेशवासियों को निजात मिलने की संभावना नहीं दिख रही है।
राज्य के राहत आयुक्त एस.एन. शुक्ला से जब आईएएनएस ने इस विषय पर बात की तो उन्होंने आधिकारिक तौर पर प्रदेशभर में हुई मौतों का ब्योरा देने से साफ मना कर दिया और कहा कि शीतलहर से निपटने के काफी इंतजाम किए जा रहे हैं।
शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद राज्य सरकार द्वारा राज्य के सभी 71 जिलों में सर्दी से राहत के लिए 10.84 करोड़ रुपये राशि आवंटित हुई है। 71 जिलों की कुल 312 तहसीलों में गरीबों व निराश्रितों में कंबल वितरण के लिए 9.28 करोड़ रुपये जबकि बाकी राशि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए मंजूर की गई है।
शुक्ला की मानें तो प्रदेशभर में सरकारी रैनबसेरों, रेलवे और बस स्टेशनों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ठंड से कोई मौत नहीं हुई है। उधर, उन्हीं के विभाग (राहत आयुक्त कार्यालय) के सूत्रों के मुताबिक अभी तक हुई जो 50 मौतें हुई हैं, वे ग्रामीण क्षेत्रों में हुई है और मरने वाले गरीब, किसान और मजदूर तबके के हैं, जिनकी खेतों में काम करने के दौरान या रात में सिंचाई के दौरान ठंड लगने के कारण तेज बुखार और सीने में दर्द की शिकायत के बाद जानें गईं।
राज्य का संत रविदास नगर जिला जहां पिछले दो दिनों में ठंड से पांच लोगों की मौत की खबर है, वहां के अपर-जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने आईएएनएस से कहा कि शीतलहर भी इन मौतों का एक कारण हो सकती है।
समूचा प्रदेश ठिठुरन और कड़ाके की ठंड के चपेट में हैं और शीतलहर का प्रकोप जारी है। कुछ इलाकों में पारा लुढ़ककर 3 डिग्री सेल्यियस तक जा पहुंचा है।
बाराबंकी के जिलाधिकारी विकास गोसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में ठंड से निपटने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिले की सभी तहसीलों के प्रत्येक शहरी और ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। गोसवाल ने कहा कि विभिन्न तहसीलों में चिन्हित गरीब व निराश्रित लोगों को कंबल बांटे जा रहे हैं। अगर कोई निराश्रित खुद चलकर हमारे पास आ रहा हैं, तो उसे भी कंबल दिया जा रहा है।
उधर, सर्दी के मद्देनजर राज्य सरकार की तरफ से 9 जनवरी तक राज्यभर में कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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