देश को रुचिका मामले में न्याय की प्रतीक्षा : मीरा कुमार
कुमार ने हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एस.पी.एस राठौड़ द्वारा 1990 में 15 वर्षीय रुचिका के साथ किए गए दुर्व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इस घटना के बाद रुचिका ने कथित तौर पर उसके व उसके परिवार को प्रताड़ित किए जाने पर तीन वर्ष बाद आत्महत्या कर ली थी।
लोकसभा अध्यक्ष ने संसद में पत्रकारों से कहा, "पूरा देश न्याय के लिए इंतजार कर रहा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में न्याय मिलने में देर नहीं होनी चाहिए।
राठौड़ को 21 दिसम्बर 2009 को छह महीने की जेल और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा दी गई थी। इस फैसले के बाद विरोध प्रदर्शनों में लोगों ने राठौड़ को मिली सजा को बहुत कम बताया।
रुचिका के परिवार द्वारा नई शिकायतें दर्ज कराने के बाद पंचकुला पुलिस ने अब राठौड़ पर दो नए मामले दर्ज किए हैं। इनमें हत्या के प्रयास का गैर जमानती आरोप भी शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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