उप्र में 3 रेल हादसों में 10 मरे, 48 घायल (राउंडअप)
ये हादसे शनिवार सुबह कानपुर, इटावा और इलाहाबाद जिले में हुए। कानपुर में गोरखधाम एक्सप्रेस और प्रयागराज एक्सप्रेस के बीच हुई टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई।
कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक बी.पी.जोगडांड और रेलवे अधिकारियों ने आईएएनएस से कहा, "सुबह नौ बजे दो रेलगाड़ियों के बीच हुई टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में आठ महिला और दो पुरुष शामिल हैं। हादसे में 48 लोग घायल हो गए। घायलों में 19 की हालत गंभीर है। घायलों को कानपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।"
मृतकों में पांच की पहचान उषा राय, उर्मिला राय, कृष्णा कुमारी, शिवानंद और कौशल्या देवी के रूप में हुई।
हादसे के दौरान प्रयागराज एक्सप्रेस के तीन डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यह रेलगाड़ी दिल्ली से इलाहाबाद जा रही थी।
नई दिल्ली में रेलवे अधिकारियों ने मृतकों की संख्या के बारे में पुष्टि की है।
प्रयागराज एक्सप्रेस के यात्रियों ने राहत कार्य शुरू किए जाने में विलंब की शिकायत की। एक यात्री अजय आनंद ने संवाददाताओं से कहा कि राहत कार्य शुरू करने के लिए रेलवे का दल करीब 45 की देरी से घटनास्थल पर पहुंचा।
उन्होंने दावा किया कि अगर बचाव दल समय से आ जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
प्रयागराज एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि जब हादसा हुआ तो मैंने जोर का झटका महसूस किया। शुरू में मैंने सोचा कि रेलगाड़ी चल पड़ी है इसलिए झटका लगा लेकिन मेरे गार्ड ने बताया कि दुर्घटना हुई है।
इटावा में सराय भूपक स्टेशन के समीप लिच्छवी एक्सप्रेस और मगध एक्सप्रेस में टक्कर हो गई। हादसे में लिच्छवी एक्सप्रेस का चालक घायल हो गया। दोनों रेलगाड़ियां बिहार जा रही थीं।
इटावा में राजकरीय रेलवे पुलिस के निरीक्षक ए.के.सिंह ने आईएएनएस से कहा, "चालक के दोनों पैर में फ्रैक्चर आ गया है। उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।"
इटावा में यात्रियों ने रेलवे के विरोध में नारेबाजी की और हंगामा किया। हंगामा करने वालों को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
तीसरा रेल हादसा इलाहाबाद में हुआ। वहां सरयू एक्सप्रेस एक रेलवे ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में चार लोग घायल हो गए।
अतिरिक्त महानिदेशक (रेलवे) ए.के.जैन ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा, "पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन और राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकारी बचाव कार्य में जुटे हैं।"
उत्तर-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आर.डी.वाजपेयी ने कहा कि ऐसा लगता है कि घने कोहरे की वजह से ये हादसे हुए हैं। उन्होंने कहा, "हादसों की वजह जानने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और रेलवे सुरक्षा मामलों के आयुक्त जल्द ही जांच शुरू करेंगे।"
रेलवे ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये और सामान्य घायलों को 10 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
कोहरे और इन हादसों की वजह से उत्तर भारत में रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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