रुचिका की याद में शांति मार्च
गौरतलब है कि 12 अगस्त 1990 को हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एस.पी.एस. राठौर ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद आज के ही दिन रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
मार्च की शुरुआत रुचिका मामले में पीड़ित पक्ष के लिए लड़ रहे आनंद प्रकाश के घर से हुई और इसका समापन उस घर पर हुआ जहां रुचिका ने जहर खा लिया था।
मार्च का नेतृत्व प्रकाश की बेटी और रुचिका की दोस्त आराधना ने किया। मार्च में शामिल सभी लोग राठौर को अधिक से अधिक सजा दिए जाने की मांग कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने पिछले दिनों रुचिका मामले में राठौर को छह महीने की सजा सुनाई थी लेकिन 10 मिनट के भीतर ही उसे जमानत पर रिहा कर दिया।
मार्च में आराधना के हाथ में रुचिका की एक बड़ी तस्वीर थी। आराधना ने संवाददाताओं से कहा, "राठौर ने रुचिका के परिजनों को तंग किया। वह एक खुशहाल परिवार को बरबाद करने वाला आदमी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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