भारत, जापान ने नई सुरक्षा वार्ता शुरू की (लीड-1)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जापान के प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने, सुरक्षा वार्ता का स्तर ऊंचा करने, संयुक्त राष्ट्र सुधारों, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और परमाणु अप्रसार सहित अनेक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर करीब एक घंटे तक वार्ता की।
वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने एक महत्वाकांक्षी संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इसके केंद्र में सुरक्षा सहयोग पर एक कार्य योजना तैयार करना है।
जापानी नेता के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में मनमनोहन सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री हातोयामा का दौरा हमारी साझेदारी को नए स्तर तक ले जाने में सफल रहा है। यह इस संयुक्त बयान में प्रदर्शित होता है जिस पर हमने अभी-अभी हस्ताक्षर किए हैं।"
अग्रिम सुरक्षा सहयोग पर कार्य योजना पिछले वर्ष अक्टूबर में हस्ताक्षरित एक घोषणा पर आधारित है। इसमें हाल ही में विदेश और रक्षा मंत्रालय के उपमंत्री/वरिष्ठ अधिकारी स्तर के दोनों पक्षों के दो-दो अधिकारियों की वार्ता का ढांचा भी शामिल है।
कार्य योजना में कई रणनीतिक और रक्षा उपायों के साथ विदेश मंत्री स्तर की वार्षिक रणनीतिक वार्ता, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित सलाह मशविरा और रक्षा मंत्रियों की नियमित बैठक भी शामिल है।
हिंद महासागर में समुद्री डकैतियों से निपटना और आतंकवाद के खिलाफ सूचनाओं की साझेदारी कार्य योजना के प्रमुख अवयवों में है।
भारत और जापान के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को द्विपक्षीय संबंधों का आधार बताते हुए मनमनोहन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षो के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ संबंधों को बहुआयामी बनाया है।
सुरक्षा वार्ता में वृद्धि की प्रशंसा करते हुए हातोयामा ने आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया और उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारी समझौता करने में कामयाब होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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