उमर फ़ारुक अब्दुलमुतल्लब का जीवन

उमर फ़ारुक अब्दुलमुतल्लब का जीवन

क्रिसमस के दिन अमरीका जा रहे एक विमान में कथित रुप से धमाका करने की कोशिश करने नाइजीरिया के नागरिक उमर फ़ारुक अब्दुलमुतल्लब का जीवन ऐशो आराम में बीता है.

नाइजीरिया के जाने माने व्यवसायी के पुत्र उमर कई देशों की यात्राएं कर चुके थे और विश्व स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर रहे थे. ब्रिटेन में उमर को पढ़ा चुके एक शिक्षक का कहना है कि वो बेहतरीन छात्र भी थे.

हालांकि उमर के नज़दीकी लोग बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में उमर के राजनीतिक विचार अतिवादी हो रहे थे. उमर के परिवार के अनुसार उमर ने अक्तूबर महीने के बाद उनसे संपर्क नहीं किया था. उमर के पिता अलहाजी उमारु मुतल्लब ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के व्यवहार के बारे में छह महीने पहले ही नाइजीरिया और अमरीका के अधिकारियों को जानकारी दे दी थी.

नाइजीरिया की मीडिया ने अलहाजी मुतल्लब के हवाले से कहा है कि उनका बेटा टोगो के लोम शहर में पढ़ाई करने के दौरान अतिवादी विचारों को अपनाने लगा था. ब्रिटिश स्कूल ऑफ लोम में इतिहास पढ़ाने वाले ब्रितानी शिक्षक माइकल रीमर कहते हैं कि उमर उन छात्रों में था जो किसी भी शिक्षक के लिए सपने जैसा होता है. वो आज्ञाकारी, सीखने वाला,विनम्र और उत्साही था.

रीमर बताते हैं कि उमर धार्मिक थे और कभी कभी ऐसे विचार व्यक्त करते थे जो सभी को पसंद नहीं होते थे. रीमर का कहना था, ''2001 में जब कक्षा में तालेबान पर चर्चा हुई तो अधिकतर मुसलिम छात्रों का कहना था कि तालेबान बुरे हैं लेकिन उमर ने तालेबान का बचाव किया था.""

हालांकि रीमर कहते हैं कि उन्हें लगा कि उमर बाकी छात्रों से अलग रुख जताने के लिए ऐसा कर रहे हैं. उमर की कक्षा में पढ़ने वाले एफेमेना मोकेदी कहते हैं कि उन्हें ये समाचार सुनकर झटका लगा है. उन्होंने बीबीसी से कहा, '' मुजे उमर से ये उम्मीद नहीं थी.वो बहुत ही अच्छा लड़का था और उसके साथ मज़ा आता था.वो पैसे वाला था. पढ़ा लिखा था और लोगों से मिलता जुलता था.""

माना जाता है कि 2005 से 2008 के बीच उमर ने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया था.

कॉलेज ने माना है कि इस नाम का एक छात्र रजिस्टर्ड है लेकिन ये साफ़ नहीं है कि ये वही उमर हैं जो गिरफ़्तार हुए हैं. 2008 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उमर ने अपने अभिभावकों से कहा था कि वो अरब जाकर अरबी पढ़ना चाहते हैं. उमर के परिवार का कहना है कि उन्होंने उमर को दुबई में बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए भेजा था ताकि उमर के अतिवादी विचार रोके जा सकें लेकिन उमर ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी.

बाद में जब उमर की मां ने उनसे संपर्क किया और पढ़ाई पूरी करने के लिए कहा तो उमर ने अपनी मां से कहा कि वो यमन में एक कोर्स कर रहे हैं और आइंदा उनसे संपर्क न किया जाए क्योंकि उन्हें 'नया जीवन" मिल गया है. इसी दौरान उमर के पिता ने यमन जा कर उन्हें वापस लाने की कोशिश की और इसी दौरान उन्होंने उमर के बारे में अमरीकी और नाइजीरिया के अधिकारियों को जानकारी दी.

मुतल्लब परिवार का कहना है कि वो जांच में पूरा सहयोग देंगे. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि उमर यमन से इथियोपिया और फिर घाना आया जिसके बाद वो नाइजीरिया पहुंचा जहां से वो एम्सटर्डम पहुंचा और यहीं से वो अमरीकी जहाज़ में था जिसमें उन्होंने धमाका करने की कोशिश की.

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