थल सेना के दल ने जीती अंतर्राष्ट्रीयमानवतावादी कानून प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में शांतिकाल और संघर्ष की स्थिति में मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी कानून की कसौटी पर सेना के मध्य क्रम के अधिकारियों के निर्णय लेने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया।
थल सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "प्रतियोगिता कई वर्गो में बंटी थी, जैसे युद्ध के लिए होड़ बढ़ाने की वैधता, मानवाधिकार मसले, युद्ध के लिए अनुमति योग्य साधन और अपनाई गई प्रणालियां। भारतीय थल सेना ने इस प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है।"
यह प्रतियोगिता नवंबर में स्विट्जरलैंड के रक्षा और विदेश मामलों के मंत्रालय ने आयोजित की थी। इसमें जर्मनी, आस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, किर्गिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और ट्यूनिशिया के देशों की सेनाओं ने हिस्सा लिया।
इससे यह साबित होता है कि भारतीय थल सेना के अधिकारी मानवाधिकारों को लेकर पूरी तरह सचेत हैं।
भारतीय दल में कर्नल एस.सी.शरण, कर्नल पी.के. खुराना, कर्नल ए.साहा और मेजर अजीन कुमार शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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