कोटा में पुल ढहने से मरने वालों की संख्या 26 हुई
जयपुर, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। कोटा में चम्बल नदी पर निर्माणाधीन पुल के ढहने के हादसे के बाद अब भी करीब 18 लोगों के शव नदी में गिरे भारी भरकम मलबे के नीचे दबे हैं। राहत कार्यो में जुटे लोगों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में शवों को बाहर नहीं निकाला जा सका तो वे मगरमच्छों और घड़ियालों के शिकार हो जाएंगे।
बचाव दल ने शनिवार रात तक 16 और शवों को बाहर निकाला। हुण्डई और गेमन इंडिया के विशेषज्ञों ने दूसरे दिन घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के बाद बचे पुल के ढांचे को सुरक्षित तरीके से गिराने के उपायों को तलाशना शुरू किया।
कोटा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक राजीव दासौत ने बताया कि शनिवार रात तक 16 और शव निकाले गए। इसके अलावा मलबे में पांच और शव दबे दिख रहे हैं। इनको अभी निकाला नहीं जा सका है। मृतकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मलबे में दबे शव खराब होने शुरू हो चुके हैं। इससे आस-पास दुर्गन्ध फैलने लगी है। शव की तलाश में जुटे सेना के जवानों और मजदूरों को मास्क पहनकर काम करना पड़ रहा है।
नौसेना, आरएसी, नगर निगम के गोताखोरों ने पानी के भीतर जाकर शवों की तलाश की, मलबे में उन्हें कुछ शव भी दिखे लेकिन उन्हें निकाला नहीं जा सका।
उधर दूसरी तरफ पुलिस और जांच एजेंसियों ने हुण्डई व गेमन इण्डिया के गिरफ्तार किए गए दो अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों अधिकारियों को 30 दिसम्बर तक रिमाण्ड पर लिया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के विशेषज्ञों के एक दल ने भी हादसे की अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। टीम के सदस्य निर्माण कार्यो में तकनीकी खामियों का पता लगा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष बृजेश्वर सिंह सोमवार को जयपुर पहुंच रहे हैं। वे सम्भवत: कोटा भी जाएंगे। जानकारों के अनुसार सिंह सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करेंगे और उसके बाद वे कोटा में घटनास्थल का दौरा करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications