'आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बन सकते हैं लघु व मझोले उद्योग'
प्रमुख औद्योगिक संगठन 'एसोसिएटेड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया' (एसोचैम) की अध्यक्ष स्वाति पिरामल ने कहा, "सरकार जल्द ही अपनी खरीद का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा इन सेक्टरों से खरीदने के बारे में फैसला लेने वाली है।"
रविवार को एक बयान में पिरामल ने कहा, "एक अनुकूल फैसले से इन सेक्टरों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।"
एसोचैम के मुताबिक यदि सरकार ऐसा फैसला लेती है तो लघु व मझौले उद्यम क्षेत्र के वाहन व सहायक उद्योग, दवा, वित्त और सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सेवा को सबसे ज्यादा लाभ पहुंचेगा।
संगठन के मुताबिक देश में 13 करोड़ लघु व मझौले उद्यम हैं जो करीब आठ हजार उत्पादों का निर्माण करते है और देश के निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 60 फीसदी है।
एसोचैम ने कहा, "इसमें ने कुछ उद्यम बहुत बड़े हैं और वे क्षेत्र के कुल उत्पादन के 80 फीसदी हिस्से का उत्पादन करते हैं।"
औद्योगिक संगठन ने कहा कि वर्तमान विकास की गति में इन सेक्टरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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