कंधमाल मामले में 3 को सजा

त्वरित अदालत ने 26 अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। सरकारी वकील बी. के. पटनायक ने बताया, "26 अगस्त, 2008 को प्रधानपत गांव में सुभाष दिगल और कुली दिगल के मकान को आग लगाने के मामले में दो लोगों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद और 2,000 रुपये का जुमार्ने की सजा सुनाई गई।"
वकील पी. के. पात्रा ने बताया, "एक अन्य मामले में एक आरोपी को चार साल की कैद और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।" तीसरे मामले में 16 लोगों को बरी कर दिया गया।
गौरतलब है कि कंधमाल में 23 अगस्त, 2008 को विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद और उनके चार सहयोगियों की हत्या के बाद यहां दंगे भड़क उठे थे जिनमें कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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