5 जनवरी को नई पार्टी का ऐलान करेंगे कल्याण सिंह (लीड-1)
लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में सिंह ने कहा कि उन्होंने नई पार्टी बनाने का निश्चय किया है। पार्टी के गठन की जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। बहुत जल्द नई पार्टी के पंजीकरण के लिए वह चुनाव आयोग में सभी जरूरी कागजात जमा करेंगे। उन्होंने कहा कि पांच जनवरी को वह लखनऊ में पार्टी के गठन की औपचारिक घोषणा करेंगे।
सिंह ने बताया कि महीने भर से पूरे प्रदेश में बैठक कर रहे उनके समर्थक नई पार्टी के गठन के लिए संकल्पबद्ध है और इस संबंध में अंतिम निर्णय कर चुके हैं।
सिंह ने कहा कि उनका अब किसी अन्य दल में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता और नई पार्टी का गठन और उसे मजबूत करना उनके जीवन का अंतिम निर्णय है। भाजपा में पुनर्वापसी के आमंत्रण पर टिप्पणी करने से मना करते हुए सिंह ने कहा कि उनके मन में भाजपा में वापस जाने का कोई विचार नहीं है और अब उनका लक्ष्य नई पार्टी को मजबूत करके स्वतंत्र रूप से काम करने का है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नितिन गडकरी की नियुक्ति के बारे में सिंह ने कहा कि अभी तो वह अध्यक्ष बने ही है। इसलिए अभी कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है।
सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) का भी भविष्य अंधकारमय होने की बात कहते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव को मुसलमानों का समर्थन प्रदेश में भाजपा की बढ़ती ताकत की प्रतिक्रिया का परिणाम था और अब जब भाजपा ही कमजोर हो गई है तो मुस्लिम उनका साथ क्यों देंगे। सिंह ने यह भी कहा कि अब चूंकि कांग्रेस के उभार के दिन लौटते दिख रहे हैं तो मुसलमानों को एक विकल्प भी दिखायी पड़ने लगा है।
मालूम हो कि नवम्बर 1999 में भाजपा से निष्कासन के बाद कल्याण सिंह ने पांच जनवरी को अपने जन्मदिन पर राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के गठन की घोषणा की थी, लेकिन वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों से पहले उनकी भाजपा में वापसी हुई थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर उपेक्षा का आरोप लगाकार उन्होंने जनवरी 2009 में भाजपा से फिर खुद को अलग करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस दौरान उनकी करीबी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से हुई, लेकिन पिछले दिनों फिरोजाबाद लोकसभा उपचुनाव में बहू की हार से बौखलाए मुलायम ने कल्याण से किनारा कर लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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