कसाब बोला-मैं नहीं करकरे का हत्यारा

कसाब ने सोमवार को कोर्ट में अपना बयान पलटते हुए कहा कि वो वो मुंबई हमलों में शामिल नहीं था। कसाब ने कहा कि न तो उसने हेमंत करकरे को मारा है और न ही अशोक कामटे व विजय सालस्कर को।
कोर्ट को उलझाया
जाहिर है कसाब का यह बयान एक बार फिर अदालत को उलझाने का काम कर सकता है। क्योंकि शुक्रवार को जज के सामने कसाब ने साफ कहा था कि वो मुंबई हमलों के दौरान वहां नहीं था। उसने कहा कि हमलावरों में से एक की शक्ल उससे मिलती-जुलती थी।
कसाब का कहना है कि पुलिस ने उसे बताया है कि उसकी शक्ल वाले आतंकी का नाम बू अली था और वो मारा गया है। वह आतंकी हमले से 20 दिन पहले समझौता एक्सप्रेस से भारत आया था। वह 25 नवंबर की रात जुहू में देखा गया था। कसाब का कहना है कि हमले की रात वो फिल्म देखने गया था। उसी समय पुलिस ने उसे पकड़ लिया और इस मामले में फंसा दिया।
कसाब की कहानी
गौरतलब है कि कसाब इसे पहले भी अपने बयान से कई बार पलट चुका है। 20 जुलाई 2009 को उसने पहली बार अपना जुर्म कबूला था। उसके बाद 22 जुलाई को उसने कहा था कि यदि इस जुर्म की सजा फांसी है, तो उसे फांसी दे दी जाए।
7 अगस्त को कसाब ने कहा, "मैं कुछ कहना नहीं चाहता और लगाए जा रहे आरोप साबित करने के लिए मुकदमा जारी रहना चाहिए।" और उसके बाद गत शनिवार को उसने मुंबई हमलों में हाथ होने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि उस दौरान उसने यह जरूर कबूला कि वो पाकिस्तान से प्रशिक्षण प्राप्त कर भारत आया था और प्रशिक्षण देने वालों में हेडली नाम का एक शख्स था।












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