गोरखालैंड के मुद्दे के हल के लिए बातचीत ही सर्वोत्तम रास्ता : प्रणब
पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग में एक रिसोर्ट में आयोजित त्रिपक्षीय बातचीत के एक दिन पूर्व मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मुखर्जी ने कहा, "ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे बातचीत के जरिए नहीं हल किया जा सकता। बातचीत के जरिए गोरखालैंड की समस्या सुलझ सकती है। बातचीत से विचारों का आदान-प्रदान होगा, जो वाकई में मददगार होगा।"
एक पत्रकार ने टिप्पणी की कि जीजेएम अभी भी अलग राज्य की अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। इस पर मुखर्जी ने कहा, "यदि कोई किसी मांग पर अड़ा हुआ है और झुकने को तैयार नहीं है तो स्थिति नाजुक मोड़ ले सकती है।"
मुखर्जी ने कहा कि गृह मंत्री पी.चिदंबरम का भी यही विचार है।
मुखर्जी ने कहा, "चिदंबरम भी महसूस करते हैं कि गोरखालैंड के मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत सर्वोत्तम संभावित रास्ता है। वह इस संबंध में जीजेएम के नेताओं से पहले ही बातचीत कर चुके हैं।"
जीजेएम, केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारी सोमवार को दार्जीलिंग में एक निजी होटल में आयोजित त्रिपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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