सेंसेक्स में गिरावट का दौर, 2.33 प्रतिशत नीचे बंद (साप्ताहिक समीक्षा)
खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि से भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों को बढ़ाने की आशंका से निवेशक बाजार से दूर हुए। सरकार की अर्धवार्षिक वित्तीय समीक्षा में आर्थिक वृद्धि दर के वर्ष 2009-10 में 7.75 प्रतिशत रहने के अनुमान भी बाजार में उत्साह लाने में विफल रहे।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स में वर्ष 2009 में विदेशी कोषों के कारण 73 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई लेकिन अब इसमें गिरावट की लहर है।
सेंसेक्स पिछले हफ्ते की तुलना में 399.2 अंकों या 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,719.83 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 17,119.03 पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक (निफ्टी) पिछले सप्ताह की तुलना में 2.53 प्रतिशत या 129.6 अंकों की गिरावट के साथ 4,987.7 पर बंद हुआ।
बीएसई का मिडकैप सूचकांक 1.58 प्रतिशत और स्मालकैप सूचकांक 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
शेयर बाजारों में गिरावट का कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, डीएलएफ और एसबीआई का कमजोर प्रदर्शन रहा।
सेंसेक्स में सबसे अधिक वृद्धि रेनबैक्सी, एसीसी, सिप्ला, विप्रो और टाटा मोटर्स के शेयर मूल्यों में दर्ज की गई।
एचडीएफसी बैंक, डीएलएफ, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एसबीआई के शेयर मूल्यों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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