गरीबी की कीमत पर जलवायु परिवर्तन से नहीं निपटा जा सकता : प्रधानमंत्री (लीड-1)
जलवायु परिवर्तन के मसले पर आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कोपेनहेगन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में भारत पर्यावरण के संरक्षण और हिफाजत के लिए शेष विश्व के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
सिंह ने कहा, "पर्यावरण हमारी सामूहिक धरोहर है, जिसे अपनी भावी पीढ़ियों के लिए हमें विरासत में छोड़ना है। इसके साथ ही विकासशील देशों में बरकरार गरीबी की कीमत पर जलवायु परिवर्तन की समस्या से नहीं निपटा का जा सकता।"
उन्होंने कहा कि विश्व के तापमान में वृद्धि का सबसे ज्यादा प्रभाव भारत जैसे विकासशील देशों पर पड़ रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में भारत पर्यावरण के संरक्षण के लिए अत्यधिक कदम उठाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं कोपेनहेगन में रचनात्मक विचार-विमर्श का उत्सुक हूं जिससे सभी लोगों की सामूहिक भावनाएं मिल सकें और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के वैश्विक प्रयासों की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।"
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के दो दिवसीय कोपेनहगन दौरे पर उनके साथ विदेश सचिव निरुपमा राव, जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम शरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी होंगे। पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश पहले ही कोपेनहेगन में मौजद हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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