तेलंगाना मसले पर लोकसभा में हंगामा (लीड-2)
लंच से पहले और बाद के सत्र में लगातार हंगामे के कारण लोकसभा उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
भोजनकाल से पूर्व सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। पहले कार्यवाही 15 मिनट के लिए 11.15 बजे स्थगित की गई। सदन की कार्यवाही 11.30 बजे दोबारा शुरू हुई। प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू रूप से चली और उसके बाद फिर से शोर-गुल शुरू हो गया। अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नए राज्यों की मांग को एक खतरनाक परिपाटी बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश में कई अन्य राज्यों के भी विभाजन की मांग उठने की आशंका है।
आंध्र प्रदेश के सांसदों का हंगामा फिर शुरू होने के बाद लोकसभा उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले सुबह कुछ सांसदों ने हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं। इन तख्तियों पर 'हम एकीकृत आंध्र प्रदेश चाहते हैं' लिखा था। कुछ कांग्रेसी सांसदों ने भी तख्तियां उठा रखी थीं जिन पर तेलुगू में भी वही लिखा था। लेकिन वे अपनी सीट से नहीं उठे।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के पुत्र वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने भी चुपचाप अपनी सीट के समीप खड़े रहकर उनका साथ दिया।
एकीकृत आंध्र प्रदेश के पक्षधरों का विरोध तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों ने किया। इनमें कांग्रेस और तेलुगू देशम पार्टी के सदस्य शामिल थे जिन्होंने 'जय तेलंगाना' की तख्तियां थाम रखी थीं।
अध्यक्ष मीरा कुमार ने शोरगुल के बीच कहा, "तख्तियां मत दिखाइये। कृपया सदन में ये सब शुरू मत कीजिए।"
उन्होंने बार-बार कहा, "इस सदन की कुछ मर्यादा है। यह मर्यादा का उल्लंघन है। कृपया मर्यादा बनाए रखिए।"
पंद्रह मिनट की अवधि में शोरगुल के दौरान 28 दस्तावेज पटल पर रखे गए। शोर के बीच दस्तावेज पेश कर रहे सांसदों की कोई बात सुनी नहीं जा सकी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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