वार्ता विफल होने पर विकसित देश होंगे जिम्मेदार : रमेश (लीड-1)
सम्मेलन की संभावित विफलता की किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से इंकार करते हुए रमेश ने कहा, "भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील एकजुट होकर काम कर रहे हैं। यदि वार्ता विफल होती तो यह डेनमार्क द्वारा संचालित प्रक्रिया की विफलता साबित होगी। यह क्योटो संधि के तहत विकसित देशों द्वारा किए गए वादे को पूरा नहीं किए जाने के कारण होगा।"
उन्होंने कहा, "चीन, भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और जी-77 के देशों के नेतृत्व में विकासशील देशों ने वार्ता को पटरी पर लाने के लिए कड़ी मेहनत की है। विफलता का आरोप हम पर नहीं लगाया जा सकता।"
उन्होंने समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' से कहा, "इसके लिए स्पष्ट तौर पर विकसित देश जिम्मेदार होंगे।"
मंत्री ने इस बात पर संतोष जताया कि कोपेनहेगन में भारत और चीन के रिश्तों में सकारात्मक प्रगति हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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