शोपियां कांड: सीबीआई ने जांच रिपोर्ट सौंपी

शोपियां की दो महिलाएं नीलोफर जान (22 वर्ष) और उसकी ननद आसिया जान (17 वर्ष) 30 मई को एक झरने के पास मृत मिली थीं। महिलाओं के बलात्कार और हत्या के आरोप के बाद घाटी में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। राज्य सरकार के एक सदस्यीय जांच आयोग के गठन की घोषणा होने तक शोपियां में पूरे 47 दिन तक बंद रहा।
शव परीक्षण में दोनों महिलाओं से बलात्कार की पुष्टि हुई और सरकार द्वारा नियुक्त आयोग ने चार पुलिसकर्मियों पर कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों को मिटाने में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके बाद उनको निलंबित करके गिरफ्तार कर लिया गया। मामले को सितम्बर में सीबीआई को सौंप दिया गया।
रिपोर्ट लीक होने के संकेत
अदालत ने सीबीआई को अपनी जांच के बारे में मीडिया को जानकारी नहीं देने का निर्देश दिया था। बहरहाल श्रीनगर के कुछ अखबारों ने रिपोर्ट के लीक होने का संकेत किया है। उनके अनुसार सीबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाएं डूबने से मरीं और उनकी मौत में किसी का हाथ नहीं है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना के बाद अपने पहले बयान में दोनों महिलाओं की मौत का कारण डूबना बताया था। बाद में उन्होंने कहा कि शोपियां जिला प्रशासन ने उनको गुमराह किया।
घटना के बाद घाटी में मामले की जांच के लिए एक दल भेजने वाले दिल्ली स्थित संगठन इंडिपेंडेंट वूमेंस इनिशिएटिव फॉर जस्टिस (आईडब्ल्यूआईजे) ने बीते गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि मामले को दबाने में राज्य सरकार शामिल थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications