देश की मुद्रास्फीति दर नवंबर में बढ़कर 4.78 प्रतिशत हुई
पिछले वर्ष इसी महीने में वार्षिक मुद्रास्फीति की दर 8.48 प्रतिशत थी।
सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक के जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में आलू की कीमतों में 101 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्याज की कीमतों में 32.41 प्रतिशत और दालों की कीमतों में 35.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सब्जियों की कीमतों में 16.92 प्रतिशत, चावल की कीमत में 12.95 प्रतिशत, गेहूं की कीमत में 12.66 प्रतिशत, दूध की कीमत में 11.49 प्रतिशत और फलों की कीमतों में 10.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पिछले 12 महीनों की समीक्षा के अनुसार विनिर्मित उत्पादों के सूचकांक में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हल्के डीजल तेल की कीमत में तीन प्रतिशत और नेफ्था की कीमत में दो प्रतिशत की गिरावट के कारण एक अन्य बड़े उपभोक्ता समूह ईंधन सूचकांक में मामूली गिरावट आई।
बाजार में अस्थिरता को रोकने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े अब साप्ताहिक आधार के स्थान पर महीने में केवल एक बार जारी किए जाते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार ने सभी उपभोक्ता वस्तुओं के थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति की दर के मार्च तक बढ़कर छह से 6.5 प्रतिशत तक होने की चेतावनी दी है। वहीं प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने इसे छह प्रतिशत तक रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications