सुल्तान ने प्रोटोकाल तोड़ कर भारतीय मूल की मलेशियाई महिला की मदद की
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद मोटे कालीन पर चल कर वापस अपनी सीट पर लौटना महेश्वरन के लिए कठिन था। ऐसे में शाह ने प्रोटोकाल तोड़ कर उनकी मदद की।
इस शाही सुल्तान ने ऐसे उम्मीदवारों को पुरस्कार देने के लिए कई बार इस तरह से प्रोटोकाल तोड़ा है, जिन्हें पुरस्कार ग्रहण करने के लिए मंच तक पहुंचने में या फिर पुरस्कार ग्रहण करने के बाद मंच से लौटने में कठिनाई थी।
महेश्वरन ने कहा कि वह सुल्तान के इस व्यवहार से बहुत प्रभावित हुई हैं और खुद को सम्मानित महसूस कर रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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