यूपी से अलग हों हरित प्रदेश, बुंदेलखंड: माया

Mayawati
लखनऊ। आंध्र प्रदेश को काटकर तेलंगाना को अलग राज्‍य के रूप में बनाने पर केंद्र सरकार की सहमति के बाद अब उत्‍तर प्रदेश को तीन भागों में बांटने की मांग तेज हो गई है। राज्‍य की मुख्‍यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को बुंदेलखंड और हरित प्रदेश को यूपी से अलग करने की मांग दोहराई है। वहीं असम में बोडोलैंड को अलग करने की मांग चरम पर पहुंचने लगी है।

तेलंगाना पर केंद्र के नरम तेवर देखकर यूपी की मुख्‍यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के बंटवारे की मांग की है। मायावती ने इस संबंध में एक प्रेसवार्ता में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर यह मांग की है कि उत्तर प्रदेश का विभाजन कर बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (हरित प्रदेश) अलग राज्य बनाए जाएं।

मायावती का तर्क

मायावती का तर्क है कि आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है। बेहतर प्रशासनिक प्रबंध के लिहाज से और जनता के हित में बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पृथक राज्य के रूप में गठित किया जाना जरूरी है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग कर नया राज्य बनाने की सहमति दी है उसी तरह बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भी उत्तर प्रदेश से अलग कर नए राज्य बनाने पर सहमति दी जाए।

छोटे राज्‍यों के पक्ष में बसपा

मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से छोटे राज्यों और छोटे जिलों के पक्ष में रही है। समय-समय पर बसपा की तरफ से केंद्र से बुंदेलखंड और हरित प्रदेश के गठन का अनुरोध किया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि 15 मार्च 2008 को इसके लिए बाकायदा वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध भी कर चुकी हैं। साथ ही लखनऊ में बसपा की एक रैली में वह कह चुकी हैं कि उनकी पार्टी बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाये जाने की प्रबल समर्थक है। अब केंद्र की बारी है वह पहल करे, हम तैयार हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायकों द्वारा गत 31 अक्टूबर 2007 को राज्य विधानसभा में बुंदेलखंड और हरित प्रदेश के गठन का मुद्दा उठाया जा चुका है।

जनता से की अपील

मायावती ने दोनों क्षेत्रों (बंदेलखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश) की जनता से अपील की है कि वे अपनी मांगों को लेकर मजबूती से आगे आएं। उन्‍होंने कहा कि जनता लेकिन बिना किसी के बहकावे में आकर अनुशासित ढंग से कानून-व्यवस्था के दायरे में रहकर अपनी मांगें रखें।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर केंद्र बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने पर अपनी सहमति देगा, तो उनकी सरकार राज्य विधानसभा में इस बारे में प्रस्ताव पारित करवाएगी। क्या उनकी सरकार पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने के पक्ष में हैं, इस सवाल पर मायावती ने कहा कि हमारी सरकार पूर्वांचल के गठन के भी खिलाफ नहीं है।

मायावती की इस अपील से यह लगभग तय है कि राजनीतिक पार्टियां जल्‍द ही बुंदेलखंड और हरित प्रदेश को अलग करने की मांग को लेकर आगे आएंगी। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच टकराव की संभावना भी है।

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